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स्टेशन पर भटक रहे नाबालिग की मदद ने उठाया बाल सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का मुद्दा 

6/7/2026 2:22:54 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Aara : आरा रेलवे जंक्शन पर रविवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने समाज के संवेदनशील पक्ष के साथ-साथ बाल सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए। रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज पर एक नाबालिग लड़का लोगों से पैसे मांगता हुआ दिखाई दिया। उसकी बेबसी और मासूमियत ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर विधानसभा के पूर्व विधायक भाई दिनेश की नजर जब उस बच्चे पर पड़ी तो उन्होंने उसे अपने पास बुलाकर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान बच्चे ने बताया कि उसका घर जगदीशपुर के शिवजी पोखरा के पास है, जबकि उसकी मां असम में रहती हैं। उसने कहा कि वह अपनी मां के पास असम जाना चाहता है, लेकिन उसके पास यात्रा के लिए पैसे नहीं हैं। बच्चे की बातें सुनकर पूर्व विधायक ने उसे समझाया कि बिना किसी जानकारी और सुरक्षा के इतनी लंबी यात्रा करना उसके लिए खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने उसे पहले अपने घर लौटने की सलाह दी। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उन्होंने उसे किराए के लिए आर्थिक सहायता दी, बिस्कुट खिलाया और सुरक्षित रूप से घर जाने का आग्रह किया। यह घटना केवल एक बच्चे की मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर ऐसे बच्चे भटकते हुए मिल जाते हैं, जो विभिन्न कारणों से अपने परिवार से दूर हो जाते हैं। ऐसे बच्चों के गलत लोगों के संपर्क में आने, शोषण या अपराध के जाल में फंसने की आशंका बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि रेलवे पुलिस, बाल संरक्षण इकाइयों, प्रशासन और जागरूक नागरिकों को ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन, संरक्षण और पुनर्वास भी उतना ही आवश्यक है। आरा रेलवे जंक्शन की यह घटना मानवता और संवेदनशीलता का संदेश देती है कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंद और असहाय बच्चों की मदद करे, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और बेहतर बन सके।
 
आरा से कोयलांचल लाइव के लिए आशुतोष पाण्डेय की रिपोर्ट