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सरकारी एवं निजी आईटीआई कि सघन जांच पड़ताल शुरू, वित्तीय बजट सत्र के अंत को लेकर काम पड़ा है कुछ ढीला
 

3/27/2025 4:12:48 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : धनबाद जिले में संचालित तमाम सरकारी व गैर सरकारी आईटीआई की जिला प्रशासन जांच कर रही है ।उपायुक्त धनबाद के निर्देश पर यह जांच चल रही है जांच का इस जांच का नेतृत्व उपायुक्त ने धनबाद के जिला नियोजन पदाधिकारी आनंद कुमार को दी है । चुकी इस समय सरकार की वित्तीय सत्र की अंत होनी है। इसलिए तमाम सरकारी विभागों में हिसाब किताब देखने का यह अनुकूल समय है। यही स्थिति जिला नियोजन पदाधिकारी के कार्यालय में भी बराबर रूप से है। व्यस्तता की वजह से फिलहाल इस कार्य को फिलहाल स्थगित रखा है। उन्होंने बताया की वित्तीय सत्र का हिसाब किताब हो जाने के तुरंत बाद से ही उक्त जांच पड़ताल युद्ध स्तर पर चलेगी।
 
कितने आईटीआई की जांच अब तक हो चुकी है : सूत्रों के अनुसार अब तक लगभग 20 आईटीआई की जांच हो चुकी है जबकि अन्य की होनी अभी बाकी है धनबाद जिले में सरकारी एवं निजी मिलाकर 48 आईटीआई संचालित है। जिला नियोजन पदाधिकारी का कहना है की हाल के दिनों में चुकी आईटीआई के खिलाफ काफी शिकायतें आ रही थी जिससे कई तथ्य निकाल कर सामने आए हैं। सूत्रों का मानना है कि  आईटीआई संचालन भी इन दोनों कमाने खाने के स्रोत जैसे धंधे हो गए हैं। बहुत से आईटीआई तो ऐसे हैं जो की  सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। इस प्रकार के आईटीआई बेरोजगारों के फौजों  के साथ हास्यास्पद मजाक जैसा है क्योंकि इससे आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार ठगे जा रहे हैं ।
 
क्या कहता है निजी आईटीआई संगठन : निजी आईटीआई के संचालक सह निजी आईटीआई संगठन झारखंड प्रदेश के महासचिव कुमार देव रंजन कहते हैं कि आईटीआई मौजूदा दौर में गरीबों के लिए काफी महत्वपूर्ण है लेकिन इसकी आड़ में भी गड़बड़ियां आश्चर्यजनक है। जो ऐसा कर रहे हैं  वह समाज के दुश्मन है उनके खिलाफ करवाई तो होनी ही चाहिए। मैं खुद इसके पक्ष में हूं। जबकि निजी आईटीआई का संचालन कर रहे बलियापुर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के संचालक ने भी इस बात की पुष्टि की है। मामले में उक्त संस्थान के संचालक ने बताया कि काफी पैसे लगाकर उन्होंने इसे खड़ा किया है ।जिसमें हजारों की संख्या में छात्र प्रशिक्षण देकर विभिन्न एजेंसी में काम करने की दिशा में अग्रसर है।
 
आईटीआई जांच में क्या मिला है अब तक गड़बड़ियां : 
 
0 सूत्रों के अनुसार जांच के क्रम में कई ऐसे संस्थान है जिनके पास न ढंग का भवन है ना ही उनके पास संचालन के लिए कोई लैब। केवल खाना पूर्ति के आधार पर ऐसे आईटीआई संचालित हो रहें है।
 
0 कुछ ऐसे आईटीआई भी संचालित है सिर्फ पेपर में चल रहे हैं लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से संचालक हिम्मत के साथ चल रहे हैं। यह जानते हुए भी की अगर जांच हुई तो फस जाऊंगा पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है ।
 
0 कुछ आईटीआई ऐसे हैं जो कई सरकारी व निजी संस्थानों के कर्मियों के लिए औपचारिक  प्रोन्नति पाने का आधार बने हुए हैं। प्रोन्नति पाने के लिहाजन सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मी यहां चढ़ावा चढ़ाकर सर्टिफिकेट लेकर प्रोन्नति पर प्रोन्नति पा रहें हैं। 
 
 
उमेश तिवारी कोयलांचल लाइव डेस्क