Date: 11/10/2026 Sunday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
देवघर
लखनऊ
भोजपुर
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
कुडमी समाज की एसटी मांग के विरोध में आदिवासियों की हुंकार रैली 17 को
10/16/2025 7:08:27 PM IST
7603
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Edited By - Vikash
Ranchi :
राज्यभर में कुडमी समाज को एसटी सूची में शामिल किए जाने की मांग के खिलाफ आदिवासी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. आज आदिवासी बचाओ मोर्चा के लोगों ने करमटोली केंद्रीय धुमकुड़िया में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया. इस दौरान टीएसी सदस्य नारायण उरांव ने कहा कि आज आदिवासी समाज अपनी अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. उन्होंने कहा, आज अधिकांश समुदाय खुद को आदिवासी कहलाना चाहता है, लेकिन वही समाज आदिवासियों से छुआछूत करता है. नारायण उरांव ने बताया कि झारखंड के 33 जनजातियों ने केंद्र सरकार से स्पष्ट मांग की है कि केवल वही समाज एसटी की सूची में शामिल हो, जो आदिवासी होने की सभी संवैधानिक और सांस्कृतिक अहर्ता पूरी करता हो. कुडमी समाज इन शर्तों पर खरा नहीं उतरता है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक पूजा पद्धति, पाहन व्यवस्था और धार्मिक जमीनों की रक्षा के लिए 17 अक्टूबर को प्रभात तारा मैदान, धुर्वा में आदिवासी हुंकार रैली बुलाया है. झारखंड उलगुलान मंच के अध्यक्ष जोनसन गुड़िया ने कहा कि आदिवासी समाज अब हक और अधिकार की लूट बर्दाश्त नहीं करेगा. गांव-गांव में संदेश पहुंचाया जा चुका है कि 17 अक्टूबर को सभी आदिवासी एकजुट होकर रांची पहुंचें. झारखंड उलगुलान मंच के सदस्य सुदर्शन भेगरा ने कहा कि कुडमी समाज को एसटी का दर्जा देना आदिवासीयत पर सीधा हमला होगा. इसे रोकने के लिए ऐतिहासिक रैली बुलाई गई है. सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि आदिवासियों की आरक्षण, परंपरा और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है. इसमें झारखंड समेत पड़ोसी राज्यों से भी हजारों सरना धर्मावलंबी शामिल होंगे। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलु मुंडा ने कहा कि यह पहला अवसर है जब सभी आदिवासी संगठन और समाज एक मंच पर एकजुट हो रहे हैं। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से टोल टैक्स न लिया जाए। उन्होंने बताया कि रैली में सात प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुडमी समाज की एसटी मांग असंवैधानिक है। टीआरआई ने भी कुडमी समाज की मांग को खारिज किया है। यह समाज शिवाजी वंशज होने का दावा करता है, जबकि आदिवासी समाज मूल निवासी है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी नेता का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता की लड़ाई है। इस मौके पर पूर्व मंत्री देवकुमार धान,प्रेमशाही मुंडा, जगलाल पाहन, परमेश्वर मुंडा,बलकु उरांव, खड़िया सरना विकास समिति रांची के अध्यक्ष बासुदेव भगत,अभय भुटकुंवर समेत अन्य शामिल थे।
रांची से कोयलांचल लाइव के लिए नकी ईमाम रिजवी की रिपोर्ट
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
नगर निगम कर्मचारी यूनियन की चेतावनी 25 सूत्री मांगें पूरी नहीं हुईं तो मशाल जुलूस, निगम गेट जाम कर करेंगे आंदोलन...
#
अनोखी पहल: 50 हजार पेंसिलों के छिलकों से बन रही मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, मूर्तिकार विक्की बिंदु की कलाकारी चर्चा में...
#
कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की भव्य शुरुआत ,मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू...............
...
#
500
कमरे
500
दरवाजे
और
रहस्यमयी
सुरंग
गया
के
रामेश्वर
बाग
की
अनोखी
कहानी....
#
मानगो पुल पर भीषण जाम, वाहनों की लंबी कतारों में फंसी एंबुलेंस; यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल...
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बीजेपी का नगर निगम पर हमला, शहर में गंदगी को लेकर उठाए सवाल
#
भुइयां समाज की महापंचायत को लेकर दुलाल भुइयां का बड़ा ऐलान
#
धनबाद क्रिकेट संघ की AGM में बड़े फैसले स्वर्ण जयंती समारोह की तैयारी शुरू
#
बिहार में भीषण सड़क हादसे में 3 पर्यटकों की हुई मौत,हादसे के बाद 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा ने बचाई 22 से अधिक घायलों की जान
#
शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल! ब्लैकबोर्ड के बदले बंद दरवाजे पर पढ़ाते दिखे शिक्षक