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17 मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे राजस्व कर्मी, जमीन सर्वे का काम पूरी तरह ठप
5/26/2025 12:02:00 PM IST
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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Muzaffarpur :
बिहार में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इसी कड़ी में आज मुजफ्फरपुर के राजस्व कर्मचारियों ने भी अपनी 17 मांगों को लेकर जिला समाहरणालय में जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, वे विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस हड़ताल से सरकारी कामकाज पर असर पड़ा है, खासकर जमीन सर्वे का काम पूरी तरह रुक गया है। इससे सरकार के 2026 तक जमीन सर्वे पूरा करने के लक्ष्य पर भी संकट मंडरा रहा है। बता दें कि बिहार सरकार जहां जमीन सर्वे को समय पर पूरा करने की बात कर रही है, वहीं राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। मुजफ्फरपुर में आज कर्मचारी संघ कार्यालय से जुलूस की शक्ल में निकले और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए समाहरणालय पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। राजस्व कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाना, गृह जिले में पोस्टिंग, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और कर्मचारियों पर की जा रही कार्रवाई को रोकना शामिल है। इस मौके पर जिला संघ के सचिव दीपक कुमार ने कहा कि हम लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन सरकार हमें नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि हमारी पोस्टिंग हमारे जिले से बाहर कर दी गई है और सरकार यह कहकर हमारी मांगों को ठुकरा रही है कि हम जिला कैडर के कर्मचारी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो फिर हमारी बहाली स्टेट कैडर में क्यों की गई थी?
दीपक कुमार ने कहा कि हमारा वेतन चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी से सिर्फ 100 रुपये ज्यादा है। इतने कम वेतन में हम अपने जिले से बाहर कैसे काम करें? उन्होंने यह भी बताया कि पहले सरकार ने शेखपुरा, मधुबनी और सुपौल में कई कर्मचारियों को एक साथ निलंबित कर दिया था, जो बिल्कुल गलत है। अब सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। डोंगल जमा करने के मामले पर उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम इसे जमा नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या रिटायर्ड कर्मचारी कंप्यूटर पर काम करने में सक्षम होंगे? हमें थोड़ा समय दिया जाए, हम कंप्यूटर का काम भी पूरा कर लेंगे। संयुक्त सचिव राहुल कुमार ने कहा कि हमारी कुल 17 मांगें हैं, जिनमें से तीन सबसे अहम हैं—200 ग्रेड में वेतनमान, गृह जिले में पोस्टिंग और कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को वापस लेना। अगर सरकार इन मांगों पर विचार नहीं करती, तो हम राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
कोयलांचल लाइव डेस्क
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