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आने वाले 10 साल में बदल जाएगी भारत की तस्वीर,देश को होंगे कई बड़े फायदे

8/25/2025 11:20:43 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Edited By -Saba Afrin 
 
Business :देश की अर्थव्यवस्था अगले कुछ सालों में काफी तेज़ रफ्तार से बदलने वाली है. एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में कहा गया है कि अब भारत के घरों से जो पैसा निकलेगा, वो सीधे बाजार में पहुंचेगा और नई जान डाल देगा. ये दावा दुनिया की मशहूर फाइनेंशियल कंपनी गोल्डमैन सैश ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दस सालों में भारतीय परिवारों की बचत से करीब 830 लाख करोड़ रुपये बैंक, बीमा, शेयर बाजार और पेंशन जैसी योजनाओं में लगाए जाएंगे. यानी अब लोग अपना पैसा सिर्फ ज़मीन-जायदाद या सोने में नहीं, बल्कि ऐसी जगह लगाएंगे जहां से उन्हें बेहतर रिटर्न भी मिलेगा और देश की तरक्की में भी उनका योगदान होगा. अगर ये अनुमान सच साबित होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक रफ्तार इतनी तेज़ हो सकती है कि पूरी दुनिया चौंक उठेगी। 
 
समझदारी से होगा निवेश
गोल्डमैन सैश का कहना है कि अब भारत में लोग पहले से ज़्यादा बचत कर रहे हैं. पहले यह बचत देश की आमदनी यानी GDP का 11.6% थी, लेकिन अब यह बढ़कर 13% तक जा सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि लोग अपने पैसों को घर में रखने या ज़मीन-जायदाद में फंसाने के बजाय, उसे ऐसे साधनों में लगाएंगे जहां से उनका पैसा बढ़ेगा और काम भी आएगा. इस सोच में आ रहा ये बदलाव देश के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है। 
 
बीमा, बैंक और बाजार में बहेगा पैसा
रिपोर्ट में बताया गया है कि लोग सबसे ज़्यादा पैसा बीमा, पेंशन और रिटायरमेंट फंड में लगाएंगे. ये योजनाएं लंबी चलती हैं और बुज़ुर्ग होने पर काम आती हैं. इन योजनाओं में करीब 4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश हो सकता है. बैंकों में भी करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर जमा हो सकते हैं, जिससे बैंक और मजबूत होंगे और ज्यादा लोगों को लोन दे पाएंगे. इसके अलावा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे जगहों पर भी 0.8 ट्रिलियन डॉलर आने का अनुमान है. इससे बाजार में तेजी आएगी और कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी.
रिपोर्ट कहती है कि जैसे-जैसे लोगों की आमदनी बढ़ती है, वैसे-वैसे वे समझदारी से पैसा लगाते हैं. पहले भारत में लोग ज़्यादातर पैसा जमीन-जायदाद या सोने में लगाते थे, लेकिन अब वे इनसे हटकर बीमा, बैंक और बाजार की ओर बढ़ रहे हैं. दूसरे देशों में भी ऐसा ही देखा गया है — जैसे-जैसे लोग पढ़े-लिखे और जागरूक होते हैं, वैसे ही अपने पैसे को ज़्यादा सोच-समझकर लगाते हैं. भारत भी अब उसी राह पर चल पड़ा है.
 
देश को होंगे कई बड़े फायदे
इस नई सोच और निवेश से देश को कई बड़े फायदे होंगे. पहला, कंपनियों को पैसा जुटाने में आसानी होगी. अभी कई बार बिज़नेस शुरू करने या बढ़ाने के लिए कंपनियों को विदेशों से कर्ज़ लेना पड़ता है, लेकिन जब देश के ही लोग पैसा लगाएँगे तो ये ज़रूरत कम हो जाएगी.
दूसरा, सरकार जब सड़क, पुल, अस्पताल जैसी चीज़ों के लिए पैसा जुटाएगी, तो घरेलू निवेशकों की मदद से उसे भी फंड मिल जाएगा. सरकार जो बॉन्ड नाम की चीज़ बेचती है, वो भी आसानी से बिकेगी. तीसरा, जब लोग शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाएंगे तो उन्हें सलाह की भी जरूरत होगी. इससे एक्सपर्ट और फाइनेंशियल एडवाइजर जैसे लोगों के लिए भी काम बढ़ेगा। 
 
कोयलांचल लाइव डेस्क