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झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव: 12 मार्च को होगा मतदान,अधिवक्ताओं के कल्याण और सुरक्षा पर टिकी नजरें

1/8/2026 6:23:04 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad  :- न्यायालय के आदेशानुसार झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। आगामी 12 मार्च 2026 को मतदान संपन्न होगा। इस बार का चुनाव न केवल अधिवक्ताओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा की मांगों को लेकर एक नया इतिहास रचने जा रहा है। नामांकन तिथि 10 और 11 फरवरी 2026, ​मतदान तिथि 12 मार्च 2026। ​इसमें राज्य भर के 17,000 से अधिक अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ​इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की भागीदारी है। इस बार लगभग 700 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार इस बार आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे नारी शक्ति को आगे आने का बेहतर अवसर मिला है। अधिवक्ता राधेश्याम गोस्वामी का मानना है कि जब नारी शक्ति नेतृत्व संभालेगी, तो व्यवस्था में सुधार और विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा ​चुनाव में इस बार कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा गरम है, जो भविष्य के अध्यक्ष और काउंसिल के सदस्यों के लिए प्राथमिकता रहेंगे। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के लिए सुरक्षा कानून हैं, लेकिन न्याय दिलाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में अधिवक्ताओं पर हो रहे हमलों और हत्याओं को देखते हुए प्रोटेक्शन एक्ट सबसे बड़ी मांग बनकर उभरा है। अधिवक्ता कल्याण के लिए पेंशन स्टेटमेंट को लागू कराना इस बार के प्रत्याशियों के लिए अग्निपरीक्षा होगी। अधिवक्ताओं के लिए बेहतर आवास सुविधा यानी अधिवक्ता कॉलोनी का निर्माण भी एक मुख्य एजेंडा है। यही नहीं बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से समन्वय कर राज्य के वकीलों के लिए स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाओं की मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा।  उन्होंने कहा ​झारखंड के प्रत्येक जिला मुख्यालय स्थित बार एसोसिएशन में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव के माध्यम से कुल 25 सदस्य चुने जाएंगे। ये निर्वाचित सदस्य बाद में आपस में मिलकर स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और BCI प्रतिनिधि का चयन करेंगे। ​उन्होंने कहा धनबाद सहित पूरे झारखंड में चुनावी सरगर्मी तेज है। अधिवक्ता इस बार उसी प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुनेंगे जिसने उनके हितों के लिए जमीन पर काम किया है। 17,000 अधिवक्ताओं का भविष्य अब 12 मार्च को होने वाले इस मतदान पर निर्भर करता है।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क