Date: 10/10/2026 Saturday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
देवघर
लखनऊ
भोजपुर
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
रांची में सजा ग्रामीण भारत महोत्सव, एक छत के नीचे दिखी कश्मीर से कन्याकुमारी तक की कारीगरी
9/11/2026 7:32:46 PM IST
102
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Ranchi :
राजधानी रांची में नाबार्ड ग्रामीण भारत महोत्सव सह क्लासिक एक्सपो के चौथे संस्करण का आगाज हो गया है। होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित इस दस दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। यह आयोजन 11 से 20 सितंबर तक चलेगा। उद्घाटन के मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के लिए यह गर्व की बात है कि इस वर्ष नाबार्ड की ओर से ग्रामीण भारत महोत्सव का आयोजन राजधानी रांची में किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दस दिवसीय यह महोत्सव झारखंड समेत देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे कारीगरों के लिए बेहतर मंच साबित होगा। महोत्सव की आयोजक नाबार्ड की झारखंड मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने बताया कि ग्रामीण भारत महोत्सव सह क्लासिक एक्सपो में देश के 28 राज्यों के हस्तशिल्पी अपनी-अपनी प्रदेशों की बेहतरीन कारीगरी लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की उत्कृष्ट झलक पेश कर रहा है और झारखंड के लोगों को यहां की कला और संस्कृति खूब पसंद आएगी।
ग्रामीण भारत महोत्सव में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की कला और संस्कृति एक ही छत के नीचे देखने को मिल रही है। एक ओर कश्मीर के पारंपरिक बुनकरों के हाथों से तैयार खूबसूरत शॉल आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, तो वहीं महाराष्ट्र के हैंडीक्राफ्ट कारीगर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। त्रिपुरा के पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती भी लोगों को आकर्षित कर रही है। वहीं झारखंड की पहचान मानी जाने वाली सोहराय कला भी महोत्सव में खास आकर्षण बनी हुई है। अलग-अलग राज्यों से आए कारीगर यहां अपनी कला और हुनर को प्रदर्शित कर रहे हैं। कुछ कारीगर पहली बार झारखंड पहुंचे हैं, जबकि कुछ का झारखंड से वर्षों पुराना जुड़ाव रहा है। कुल मिलाकर रांची में आयोजित यह महोत्सव देश के अलग-अलग हिस्सों की लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण हुनर को एक मंच पर लाने की अनूठी पहल बन गया है।
रांची से कोयलांचल लाइव के लिए प्रशांत की रिपोर्ट
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
500
कमरे
500
दरवाजे
और
रहस्यमयी
सुरंग
गया
के
रामेश्वर
बाग
की
अनोखी
कहानी....
#
मानगो पुल पर भीषण जाम, वाहनों की लंबी कतारों में फंसी एंबुलेंस; यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल...
#
500
कमरे
500
दरवाजे
और
रहस्यमयी
सुरंग
गया
के
रामेश्वर
बाग
की
अनोखी
कहानी....
#
पितृपक्ष में यूक्रेन से आये श्रद्धालुओं ने गया जी पहुंचकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की ...
#
बीबीएमकेयू का तीसरा दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 149 विद्यार्थियों को किये सम्मानित, डुमरी विधायक जयराम महतो को पीएचडी की उपाधि.....
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
हिंदुओं की बलिदान के कारण ही पश्चिम बंगाल में भाजपा की आई सरकार - अग्निमित्रा पॉल
#
शादी के 18 दिन बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप
#
NEET में असफलता ने बनाया संन्यासी, घर छोड़ वृंदावन पहुंचा छात्र
#
बी जे एम एम की बैठक ,मंच का किया विस्तार, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
#
सरकार के पुनर्वास नीति से प्रभावित हुई भाकपा माओवादी सदस्य अनीता, सप के समक्ष किया आत्मसमर्पण