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पलामू में मनरेगा जे के खिलाफ ACB में शिकायत, आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग,रांची में 2 करोड़ की संपत्ति होने का आरोप 

9/28/2026 12:14:26 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Ranchi :  पड़वा प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता लव कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और सरकारी पद के कथित दुरुपयोग को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में शिकायत दर्ज कराई गई है। सेंटर फॉर आरटीआई ने ACB की महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की प्रारंभिक जांच और संपत्तियों के सत्यापन की मांग की है।
 
शिकायत में दावा किया गया है कि लव कुमार गुप्ता की घोषित आय की तुलना में उनके और परिवार के नाम पर कम समय में बड़ी संख्या में चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई हैं। संस्था ने रांची में पाम रेस्टोरेंट के पीछे करीब दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति, पड़वा में लगभग दो एकड़ कृषि भूमि, इटकी मोड़ नावाबाजार में प्लॉट और मेदिनीनगर के निमिया इलाके में दो मंजिला मकान समेत कई अन्य संपत्तियों का उल्लेख किया है।
 
कई विभागों के प्रभार में होने का आरोप :
 
शिकायतकर्ता संस्था का आरोप है कि लव कुमार गुप्ता पड़वा प्रखंड में मनरेगा JE के मूल पद पर तैनात हैं, लेकिन इसके अलावा जिला परिषद, जिला कल्याण विभाग और भूमि संरक्षण विभाग के JE का प्रभार भी संभाल रहे हैं। शिकायत में बिश्रामपुर विधायक के JE के प्रभार में होने का भी दावा किया गया है।
 
पत्नी के नाम पर ठेकेदारी का भी आरोप :
 
सेंटर फॉर आरटीआई ने शिकायत में आरोप लगाया है कि लव कुमार गुप्ता की पत्नी के नाम पर जिला परिषद में ठेकेदारी का काम संचालित होता है। साथ ही कई वाहनों के स्वामित्व का भी उल्लेख करते हुए इनकी जांच की मांग की गई है।
 
संस्था ने ACB से लव कुमार गुप्ता की नियुक्ति से अब तक की आय, वेतन, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उनके और परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद, रजिस्ट्री मूल्य, बाजार मूल्य और भुगतान के स्रोत की भी जांच की मांग की गई है।
 
शिकायत में कथित फर्मों, व्यावसायिक गतिविधियों और सरकारी विभागों से मिले ठेकों, कार्यादेश एवं भुगतान का सत्यापन कराने की मांग भी की गई है। संस्था ने कहा है कि यदि संपत्तियां किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रखकर वास्तविक स्वामित्व छिपाने की कोशिश की गई है, तो इसकी भी जांच होनी चाहिए।
 
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ACB की जांच या सत्यापन के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
 
 
 
कोयलांचल लाइव डेस्क