Aara : आरा पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल अंतर्गत आरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर गायों और कुत्तों का मंडराना यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर मवेशियों की बेरोकटोक आवाजाही से कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों के बीच मवेशियों की मौजूदगी से भय का माहौल बन सकता है। ऐसे में रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है। आरा जंक्शन पर प्लेटफॉर्म के आसपास गायों से लेकर आवारा कुत्तों तक का घूमना रेल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। स्टेशन पर बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग यात्री भी बड़ी संख्या में आते-जाते हैं। ऐसे में यदि कोई गाय अचानक किसी यात्री की ओर दौड़ पड़े या कुत्ता किसी को काटने के लिए दौड़े, तो यात्री के घायल होने के साथ-साथ भगदड़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। ट्रेन की आवाज या सायरन से बिदके मवेशी तो कौन संभालेगा स्थिति सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्लेटफॉर्म पर खड़ी गाय किसी ट्रेन के हॉर्न, सायरन या अचानक हुई तेज आवाज से बिदककर दौड़ने लगे, तो वहां मौजूद यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? अफरातफरी में कोई यात्री प्लेटफॉर्म के किनारे गिर सकता है या चलती ट्रेन की चपेट में आने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि ऐसी किसी घटना के घटित होने की पुष्टि नहीं है, लेकिन मवेशियों की अनियंत्रित आवाजाही संभावित खतरे को नजरअंदाज करने का विषय नहीं है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा केवल ट्रेन के परिचालन तक सीमित नहीं है। प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और यात्रियों के आवागमन वाले क्षेत्रों को भी सुरक्षित रखना आवश्यक है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्लेटफॉर्म पर मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं, तो उनकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार रेलकर्मी और सुरक्षा कर्मी क्या कदम उठा रहे हैं
आरा से कोयलांचल लाइव क़े लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट
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