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मगध साहित्य विरासत मंच ने किया वाणावर काव्य महोत्सव का आयोजन 

1/18/2026 7:22:50 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jahanabad: मगध की पावन धरती अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है। इसी गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखने और जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़ने के ध्येय के साथ 'मगध साहित्य विरासत मंच' द्वारा आज 'वाणावर काव्य महोत्सव–06' का भव्य आयोजन किया गया। जहानाबाद के मखदुमपुर स्थित बराबर की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित लामा होटल में आयोजित इस कार्यक्रम ने साहित्य और संस्कृति के एक नए युग का सूत्रपात किया है। यह आयोजन मगध की साहित्यिक चेतना को विस्तार देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है, जहाँ प्रकृति के सानिध्य में शब्दों की अनूठी महफिल सजी। यह महोत्सव केवल कविता पाठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे साहित्य, इतिहास, पर्यटन और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में प्रस्तुत किया गया। मगध साहित्य विरासत मंच के संरक्षक और मुख्य संयोजक अशोक कुमार ‘प्रियदर्शी’ तथा सागर आनंद के नेतृत्व में पिछले छह वर्षों से यह सिलसिला निरंतर जारी है। इन छह वर्षों में वाणावर काव्य महोत्सव ने न केवल स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई है, बल्कि आज इसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दे रही है। आयोजकों का संकल्प है कि मगध की इस प्राचीन सभ्यता को साहित्य की चाशनी में भिगोकर दुनिया के सामने लाया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने स्वर्णिम अतीत पर गर्व कर सके। महोत्सव की गरिमा को बढ़ाने में संरक्षक मंडल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को अपनी शुभकामनाएँ देते हुए इसे वैचारिक क्रांति का प्रतीक बताया। वहीं, मानस के निदेशक चंद्रभूषण शर्मा (भोला बाबू) ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज को नई दिशा और युवाओं को जबरदस्त मोटिवेशन मिलता है। कायनात इंटरनेशनल के निदेशक शकील अहमद काकवी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और मगध की साझी संस्कृति को बढ़ावा देने के मंच के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस साहित्यिक महाकुंभ में पर्यटन की संभावनाओं पर भी गंभीर विमर्श किया गया। संरक्षक मंडल में शामिल सुनील प्रसाद और कुमारी सुमन सिद्धार्थ ने पर्यटन के दृष्टिकोण से वाणावर की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बराबर की पहाड़ियाँ केवल पत्थरों का समूह नहीं हैं, बल्कि ये हमारी सभ्यता की गवाह हैं।
 
कोयलांचल लाइव के लिए जहानाबाद से पंकज की रिपोर्ट