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सुलभ व जमीन से जुड़े नेता के रूप में याद किए जा रहे नीतीश कुमार,बदला बिहार का दरभंगा

4/20/2026 11:46:48 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
 Darbhanga  :मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की दो दशक लंबी यात्रा में मिथिलांचल, खासकर दरभंगा, उनकी प्राथमिकताओं में हमेशा शामिल रहा। विकास योजनाओं, सड़क-संपर्क, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण में इलाके में उल्लेखनीय बदलाव दिखा। जो क्षेत्र कभी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझता था, आज बेहतर सड़क नेटवर्क, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ नई पहचान  दरभंगा बना चुका है।शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कों का जाल बिछा, जिससे आवागमन आसान हुआ और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिली।
जीविका से बदली महिलाओं की तस्वीर :
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में जीविका योजना रही, जिसने दरभंगा की हजारों महिलाओं की जिंदगी बदल दी। बेनीपुर प्रखंड के महिनाम की जीविका दीदी सुनीता देवी, बलनी के प्रेम देवी ,माधोपुर के कौशल्या देवी सहित विभिन्न गांव जीविका दीदियां बताती हैं कि पहले घर से बाहर निकलना मुश्किल था, आज हम समूह चलाते हैं। और बैंक से जुड़कर खुद कमाई कर रहे हैं। कई दीदियों को मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी बात रखने का भी अवसर मिला, जिसे वे जीवन का यादगार क्षण मानती हैं।
 
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार :
दरभंगा में विद्यालयों के भवन निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति और छात्राओं के लिए साइकिल-ड्रेस योजना ने शिक्षा का स्तर बढ़ाया। वहीं, डीएमसीएच के विस्तार और बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल का विधिवत उदघाटन से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार एवं आसपास के जिलों को भी राहत मिली। स्थानीय लोगों के बीच नीतीश कुमार एक सुलभ और जमीन से जुड़े नेता के रूप में याद किए जाते हैं। दरभंगा के हायाघाट निवासी स्वर्गीय प्रो. उमाकांत चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच संबंध को राजनीतिक के साथ साथ व्यक्तिगत निकटता के रूप में भी देखा जाता रहा है।जब भी मुख्यमंत्री का दरभंगा दौरा होता था तो प्रो. चौधरी से मुलाकात और स्थानीय फीड बैक लेना एक सामान्य बात मानी जाती थी। प्रो. चौधरी न केवल शैक्षणिक विषयों पर बल्कि क्षेत्रीय समस्याओं जैसे बाढ़ , सड़क और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी नीतीश कुमार तक बात पहुंचाते थे।स्थानीय लोगों के अनुसार यह रिश्ता दोनों के बीच सिर्फ औपचारिक नहीं था बल्कि आपसी विश्वास और लंबे समय के संवाद पर आधारित था। यही वजह था की हायाघाट और आसपास के इलाकों के कई मुद्दे मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचते रहे। प्रो. उमाकांत चौधरी के निधन के बाद उनके पुत्र स्वर्गीय प्रो. विनोद चौधरी का मुख्यमंत्री से संबंध बना रहा और वे दरभंगा से एमएलसी भी रहे। फिर उनके छोटे पुत्र प्रो. विनय कुमार चौधरी बेनीपुर से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। कभी बाढ़, बदहाल सड़क और पलायन के लिए पहचाना जाने वाला दरभंगा आज बुनियादी ढांचे के मामले में काफी आगे बढ़ चुका है। हालांकि, अभी भी रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में अपेक्षाएं बाकी हैं, लेकिन बीते 20 वर्षों में बदलाव स्पष्ट दिखता है। यह विकास की यह कहानी आने वाले वर्षों में भी जिले की पहचान का हिस्सा बनी रहेगी।
 
कोयलांचल लाइव डेस्क