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बिहार में 40 हजार दवा दुकानें बंद, ई फार्मेसी के विरोध में दवा व्यपारियों की हड़ताल

5/20/2026 7:12:06 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
आरा :ऑनलाइन दवा बिक्री यानी ई-फार्मेसी बड़े बड़े कॉपरेट के एकाधिकार के खिलाफ बुधवार को पूरे देश में दवा की दुकानें बंद रही. ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर पूरे देशभर में 24 घंटों के लिए दवा दुकानें बंद रहेगी। बिहार में भी इसका असर देखने को मिला. पूरे बिहार में दवा दुकानें बुधवार सुबह से ही बंद रही. इसी क्रम में आरा समेत पूरे जिले में भी हड़ताल का व्यापक असर सुबह से ही देखने को मिला. राज्य में लगभग 40 हजार दवा दुकानें बंद रही. आरा जिले में सभी थोक और खुदरा विक्रेता अपनी दुकानें बंद रखी. ऐसे में दवा लेने आए मरीजों और खुदरा बिक्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर आयोजित 24 घंटे की हड़ताल के समर्थन में गया जिले की करीब ढाई हजार दवा दुकानें बंद रहीं। आरा शहर के महावीर  टोला रोड स्थित दवा मंडी समेत शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर्स के शटर डाउन रहे, जिससे इलाके में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा कंपनियों पर पारंपरिक दवा कारोबार को खत्म करने और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना था कि ई-फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, जिससे छोटे दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित जांच और वैध चिकित्सकीय पर्ची के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। इससे गलत दवा सेवन, दुष्प्रभाव और मरीजों की सेहत पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान दवा विक्रेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
 
कोयलांचल लाइव के लिए आरा से आशुतोष की रिपोर्ट