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भारत की प्रजनन दर पहली बार प्रतिस्थापन स्तर से नीचे, जनसंख्या संतुलन पर नई बहस शुरू

6/7/2026 2:22:54 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
भारत की जनसंख्या को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश की कुल प्रजनन दर यानी टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) घटकर 1.9 पर पहुंच गई है, जो जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से नीचे है। यह भारत के जनसांख्यिकीय इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जनसंख्या को एक समान बनाए रखने के लिए हर महिला के औसतन 2.1 बच्चों को जन्म देना जरूरी माना जाता है, लेकिन भारत में यह आंकड़ा अब 1.9 तक पहुंच गया है। आसान भाषा में कहें तो अब परिवार पहले की तुलना में छोटे हो रहे हैं। लोग कम बच्चे पैदा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे शिक्षा का बढ़ना, शहरों में रहने की बढ़ती प्रवृत्ति, महिलाओं का नौकरी और करियर की ओर ध्यान देना तथा बढ़ता खर्च जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे आने वाले समय में जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी हो सकती है। एक ओर इससे संसाधनों पर दबाव कम होगा, लेकिन दूसरी ओर भविष्य में काम करने वाली आबादी घटने और बुजुर्गों की संख्या बढ़ने जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। जनसंख्या के क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि अब देश को सिर्फ जनसंख्या बढ़ने या घटने की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि आने वाले वर्षों में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुजुर्गों की देखभाल जैसी जरूरतों पर भी ध्यान देना होगा। यह बदलाव भारत के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
कोयलांचल लाइव डेस्क