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हौसले ने लिखी सफलता की कहानी: शादी की मेहंदी के दिन विकास बने BDO, दिव्यांगता भी नहीं रोक पाई उड़ान
6/27/2026 11:56:53 AM IST
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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jahanabad
: हौसला बुलंद हो तो शारीरिक चुनौतियाँ कभी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनतीं। इसका जीवंत उदाहरण बिहार के जहानाबाद जिले के डेढ़सैया गांव के रहने वाले विकास कुमार हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि मजबूत इच्छाशक्ति किसी भी मुश्किल को मात दे सकती है। विकास कुमार दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संघर्ष और मेहनत के दम पर कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा पास कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का पद प्राप्त किया है। खास बात यह है कि जिस दिन उनकी शादी की मेहंदी की रस्म चल रही थी, उसी दिन उनके चयन की खुशी ने उनके जीवन को दोहरी सफलता से भर दिया—एक ओर शादी की तैयारियाँ, दूसरी ओर अधिकारी बनने का सपना पूरा होना। डेढ़सैया गांव के विकास की शुरुआती शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे पटना पहुंचे, जहाँ उन्होंने IIT की तैयारी भी की। इसके बाद वे सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी। कोरोना काल में घर लौटने के बाद उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर नौकरी भी हासिल की, लेकिन उनका सपना इससे आगे बढ़कर एक प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने दो बार साक्षात्कार में असफलता भी झेली, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा। अंततः अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने BPSC परीक्षा पास कर BDO बनने का सपना साकार कर लिया। विकास बताते हैं कि उनके संघर्ष के हर कदम में उनके पिता का बड़ा योगदान रहा, जो उन्हें साइकिल पर बिठाकर स्कूल और कोचिंग तक ले जाते थे। उनकी सफलता का सबसे बड़ा आधार उनका परिवार, समाज और लगातार मेहनत रहा है।
उनके चाचा मुकेश कुमार के अनुसार, विकास हमेशा से मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने कभी अपनी दिव्यांगता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। खेल से लेकर पढ़ाई तक, हर क्षेत्र में उन्होंने सामान्य बच्चों की तरह ही प्रदर्शन किया। आज विकास कुमार न सिर्फ एक अधिकारी हैं, बल्कि अपने गांव और समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
जहानाबाद से कोयलांचल लाइव के लिए पंकज कुमार की रिपोर्ट
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