जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में 13वें राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कई बुनकरों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीवर्स डेवलपमेंट एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में बुनकर और हस्तकरघा कारीगर शामिल हुए। इसके अलावा कई गणमान्य अतिथि भी समारोह में उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 अगस्त को राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस घोषित किए जाने के बाद संगठन हर वर्ष देश के विभिन्न शहरों में इस कार्यक्रम का आयोजन करता आ रहा है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तकरघा केवल एक कला नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर धागा और हर बुनाई हमारी लोककथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी कहानी बयां करती है। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव नहीं, बल्कि उन लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान का अवसर भी है, जो आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता आनंद साहू ने कहा कि पहली बार जमशेदपुर में इस स्तर का भव्य राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस समारोह आयोजित किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में बुनकरों ने भाग लिया। उन्होंने इसे जमशेदपुर और झारखंड के लिए गौरव का विषय बताया।
जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए बिनोद केसरी की रिपोर्ट
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