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राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' रिसेप्शन में शामिल होंगे आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. धीरज कुमार

8/7/2026 4:45:38 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के खनन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं TEXMiN के निदेशक प्रो. धीरज कुमार को भारत के माननीय राष्ट्रपति की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'एट होम' रिसेप्शन में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। देशभर के चुनिंदा वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों में उनका चयन हुआ है। यह सम्मान उन्हें खनन तकनीक, क्रिटिकल मिनरल, डिजिटल माइनिंग और स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला है। 15 अगस्त 2026 की शाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होने वाले 'एट होम' रिसेप्शन में प्रो. धीरज कुमार देश के चुनिंदा वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के साथ शामिल होंगे। यह आमंत्रण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा किए गए नामांकन के आधार पर मिला है। अखिल भारतीय स्तर पर हुई चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। प्रो. धीरज कुमार वर्तमान में आईआईटी (आईएसएम) में खनन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर, CoRE-MiN के प्रमुख और TEXMiN के निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम क्रिटिकल मिनरल, रेयर अर्थ, डिजिटल माइनिंग टेक्नोलॉजी और माइनिंग सेक्टर में स्टार्टअप इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करने पर कार्य कर रही है, जिससे वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान मिल सके। प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह आमंत्रण केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संस्थान और झारखंड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इसे संस्थान की वैश्विक पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके अनुसार, पहली बार आईआईटी (आईएसएम) और झारखंड के किसी वैज्ञानिक को राष्ट्रपति भवन के इस प्रतिष्ठित समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आमंत्रित वैज्ञानिकों की सूची में बीआरआईसी-सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NABI) सहित देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ प्रो. धीरज कुमार का नाम भी शामिल है। यह उपलब्धि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए सम्मान और गौरव का विषय मानी जा रही है।
 
कोयलांचल लाइव डेस्क