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JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार की प्रेस वार्ता, छात्रों से आंदोलन स्थगित करने की अपील

8/10/2026 11:49:03 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
 
Ranchi : रांची के सूचना भवन में JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार की ओर से प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय यादव, एडीजी मनोज कौशिक और JSSC अध्यक्ष प्रशांत कुमार मौजूद रहे। सरकार की ओर से बताया गया कि छात्रों के साथ लगातार तीन दिनों तक मैराथन वार्ता हुई। सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताई, लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसी वजह से वार्ता विफल हो गई।संदीप कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों की मांगों को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया था। पहला जांच से संबंधित, दूसरा संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने और तीसरा परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ा था। 14वीं JPSC परीक्षा में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद सरकार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। छापेमारी कर डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों ने भी इस्तीफा दिया। सरकार ने 14वीं JPSC में हुई गड़बड़ियों की जांच CID से कराने का फैसला लिया है और ED को भी जांच में शामिल होने के लिए आग्रह पत्र भेजा जाएगा। सरकार का स्पष्ट कहना है कि किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाएगा। परीक्षाओं को रद्द करने के मुद्दे पर सरकार 14वीं JPSC, बैकलॉग-23 और बैकलॉग-25 की परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत थी। वहीं TDPL संस्था द्वारा कराई गई परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने की बात भी कही गई है। यदि जांच में व्यापक गड़बड़ियां सामने आती हैं तो उचित निर्णय लिया जाएगा। CGL परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग पर सरकार ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में रहा है, इसलिए राज्य सरकार अपने स्तर से इसे रद्द नहीं कर सकती। हालांकि, सरकार ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर CGL जांच की निगरानी कराने का प्रस्ताव दिया है। वहीं परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और एक्सएलआरआई जमशेदपुर जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेने की बात कही गई है। सरकार छात्रों के सुझावों को भी नई SOP में शामिल करेगी। सरकार जल्द ही एक पोर्टल भी लॉन्च करेगी, जिसके माध्यम से छात्र अपनी शिकायत और सुझाव दे सकेंगे। इन सुझावों को शामिल कर परीक्षा की नई और पारदर्शी SOP तैयार की जाएगी। मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर संवाद और समाधान के रास्ते पर लौटें।JSSC अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रिजल्ट में देरी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को लेकर कहा कि मेरिट लिस्ट के आधार पर निर्धारित संख्या में अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है। कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध या अधूरे पाए जाते हैं, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। कुछ मामलों में शैक्षणिक योग्यता को लेकर विशेषज्ञों और विश्वविद्यालयों से जानकारी लेनी पड़ती है। इसी वजह से रिजल्ट कई चरणों में जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज पूरी तरह सही होते हैं, उनका रिजल्ट पहले जारी कर दिया जाता है, ताकि उन्हें नौकरी मिलने में अनावश्यक देरी न हो। JSSC अध्यक्ष ने परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब 500 से अधिक अभ्यर्थियों वाली परीक्षाओं में प्रीलिम्स और मेंस की व्यवस्था की जाएगी। प्रीलिम्स परीक्षा में प्रश्नपत्र को अलग-अलग शिफ्ट में बांटने की नई रणनीति अपनाई जाएगी। अलग-अलग शिफ्ट के लिए अलग प्रश्नपत्र होंगे और प्रश्नपत्र का आवंटन परीक्षा से कुछ समय पहले तय किया जाएगा। इसका उद्देश्य पेपर लीक की संभावना को कम करना है। मेंस परीक्षा को CBT यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माध्यम से कराने की योजना है। इसके लिए भरोसेमंद कंप्यूटर सेंटरों का इस्तेमाल किया जाएगा। JSSC पहले ही कुछ कंप्यूटर सेंटरों को ब्लैकलिस्ट कर चुका है और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। इसके अलावा JSSC अब रिजल्ट के साथ पूरी मेरिट लिस्ट भी अभ्यर्थियों के लॉगिन में उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रहा है। इससे अभ्यर्थी अपनी स्थिति और मेरिट में स्थान को स्पष्ट रूप से देख सकेंगे। JSSC की ओर से स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की भी तैयारी है। यहां छात्रों के बैठने, पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था होगी। छात्र अपनी शिकायतें भी यहां दर्ज करा सकेंगे और उनका जवाब तय समय के भीतर देने का प्रयास किया जाएगा।ADG मनोज कौशिक ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने बिना देरी कार्रवाई शुरू की। मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती हैं, क्योंकि अनुसंधान जारी है। CID की ओर से एक मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी जारी की गई है, जिस पर लोग परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ी कोई भी जानकारी या शिकायत दे सकते हैं। ADG ने छात्रों से अपील की कि अगर उन्हें जांच को लेकर किसी बिंदु पर असंतोष है या उनके पास कोई नई जानकारी है, तो वे पुलिस और CID से संपर्क करें। सभी शिकायतों और इनपुट की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में न्यायालय की निगरानी में भी जांच हुई है और जहां जांच अभी लंबित है, वहां उसे पूरा करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का उद्देश्य पूरे मामले की तह तक जाकर वास्तविकता सामने लाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
 
 
 
रांची से कोयलांचल लाइव के लिए प्रशांत जयवर्धन की रिपोर्ट