Date: 14/08/2026 Friday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
MMDR संशोधन विधेयक 2026 पर दीपिका पांडेय सिंह का हमला, बोलीं- ‘झारखंड के लिए आर्थिक चोट, हर स्तर पर होगा विरोध’
8/13/2026 7:19:27 PM IST
61
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
रांची :
झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने खनिज वहन भूमि उपकर (JMBL Cess) और प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए कहा कि इस संशोधन से झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों की वित्तीय क्षमता प्रभावित होगी। मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन के बाद खनिज संपदा वाली भूमि पर राज्य सरकारों द्वारा कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की क्षमता केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन हो सकती है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा पर राज्यों के राजस्व अधिकारों पर नियंत्रण किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि JMBL Cess कोई नई रॉयल्टी या खनिज उत्पादन पर लगाया गया अतिरिक्त रॉयल्टी शुल्क नहीं है। यह खनिज युक्त और खनन की जा रही भूमि पर लगाया जाने वाला उपकर है। उन्होंने जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के *Mineral Area Development Authority बनाम Steel Authority of India Limited* मामले में दिए गए फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद झारखंड विधानसभा ने झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस एक्ट, 2024 पारित किया था। मंत्री ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व के साथ झारखंड को विस्थापन, भूमि से बेदखली, पर्यावरणीय क्षति, जल और वायु प्रदूषण, वन क्षेत्रों पर दबाव तथा सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में खनन से मिलने वाले आर्थिक लाभ का एक हिस्सा खनन प्रभावित क्षेत्रों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि JMBL Cess से वर्ष 2024-25 में करीब 1,379 करोड़ रुपये, वर्ष 2025-26 में करीब 7,488 करोड़ रुपये और वर्ष 2026-27 में अनुमानित 13,215 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। यह राशि स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, कृषि, आजीविका और आधारभूत संरचना जैसी योजनाओं पर खर्च की जा रही है। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JMBL Cess झारखंड के लिए सिर्फ राजस्व का स्रोत नहीं, बल्कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास का महत्वपूर्ण वित्तीय आधार भी है। उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित संशोधन पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकारों और हितों के साथ किसी भी तरह की हकमारी स्वीकार नहीं की जाएगी। कांग्रेस और गठबंधन सरकार प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक का हर स्तर पर विरोध करेगी।
कोयलांचल लाइव डेस्क
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
‘हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा’ का संदेश, बच्चों में तिरंगा बांटकर रागिनी सिंह ने बढ़ाया उत्साह
#
लाठीचार्ज और आंसू गैस पर जताई नाराजगी, CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा ने छात्रों के समर्थन का किया ऐलान
#
MLA रागिनी सिंह ने डोर स्टेप डिलीवरी और मजदूरों के रोजगार का मुद्दा उठाया
#
MLA रागिनी सिंह ने डोर स्टेप डिलीवरी और मजदूरों के रोजगार का मुद्दा उठाया
#
संसद में फिर हंगामा, सरकार-विपक्ष आमने-सामने; कार्यवाही पर असर
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
“रूपा को इंसाफ दो” विवाहिता की मौत के बाद मायके पक्ष ने पति समेत पूरे ससुराल पक्ष पर की कार्रवाई की मांग
#
खनन पर लगी रोक से अवैध कारोबार को बढ़ावा, सरकार पर बरसे बाबूलाल मरांडी
#
एमजीएम अस्पताल में टला बड़ा हादसा: चौथी मंजिल से कूदने जा रहे मरीज को अन्य मरीज ने बचाया
#
तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, रेलवे ने शुरू किया टोकन सिस्टम
#
रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की तैयारी शुरू, ऑस्ट्रेलिया में हो सकती है शूटिंग