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तूल पकड़ा  40 साल बाद चांडिल डेम विस्थापितों का मामला, विरोध की चेतावनी 
 

8/17/2025 4:20:22 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Sraykela  : चांडिल डेम विस्थापितों का मामला तूल पकड़ लिया है। 1984-85 में चांडिल डेम परियोजना के लिए 84 मौजा की जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय ग्रामीणों को बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि आज 40 साल बाद भी विस्थापितों को उनका हक और अधिकार नहीं मिला। न तो सरकारी लाभ मिला और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम उठाया। इसको लेकर सरकार, बीडीओ और विधायक से लेकर आला अफसर तक – हर दरवाज़े पर ग्रामीणों ने गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ़ ठगी और धोखा ही मिला। इसी पीड़ा को लेकर ग्रामीणों ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष  तरुण महतो को बुलाया और अपना दुखड़ा सुनाया। ग्रामीणों की हालत देखकर तरुण महतो ने सीधा सरकार और वर्तमान विधायक पर हमला बोला।
 
गरजते हुए क्या बोला :
 
“विस्थापितों का सवाल 40 साल से दबाकर रखा गया है। अब और चुप्पी नहीं चलेगी। विस्थापितों के हक और अधिकार के लिए जबरदस्त आंदोलन होगा। विधायक मैडम, ये मेरी खुली चुनौती है – अगर आपने तुरंत एक्शन नहीं लिया तो जनता सड़क पर उतरेगी और आने वाले चुनाव में आपको करारी हार झेलनी पड़ेगी।”  
 
यह भी कहा तरुण महतो ने : 
“मुझे आप लोगों ने जिताया  नहीं, लेकिन 40 हजार जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है। उस भरोसे का मैं विश्वास रखूंगा। आपके हर आंदोलन में मैं आपके साथ हूँ, और रहूँगा। अब विस्थापितों का सवाल सड़कों पर गूंजेगा।”
 
बैठक में मुख्य रूप से  JLKM के केंद्रीय संगठन महासचिव फूलचंद महतो, युवा मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष चेतन महतो, प्रखण्ड अध्यक्ष चिरंजीत महतो, प्रखंड उपाध्यक्ष रिंकू महतो, सक्रिय सदस्य नकुल महतो, मधु महतो समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। 
इनमें प्रमुख रूप से सनत महतो, संतोष, सुधीर, लील पदो कुम्हार, कर्मू कुम्हार, कालू कुम्हार, अशोक नापित, अनाथ गोराई, अंबुज कुम्हार, गोबिंदा दे, मनसा गोराई, स्वरूप गंगुली, शर्मा प्रामाणिक, बबलू प्रामाणिक सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आंदोलन के लिए संकल्प लिया।
 
 
सरायकेला से कोयलांचल लाइव के लिए बसंत साहू की रिपोर्ट