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अवधि पूर्ण होने पर लगभग 2500 सहायक पुलिस कर्मी हो गए हैं बेरजगार, हैं आंदोलन के मूड में  

8/19/2025 5:39:50 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dumka  : हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था लेकिन हर साल जब अगस्त का महीना आते ही झारखंड के युवक को इस बात का डर सताने लगता है कि मेरा क्या होगा । जी हां पूर्व की रघुवर दास सरकार के समय राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिला में सहायक पुलिस की नियुक्ति हुई थी और सहायक पुलिस एक बार फिर से बेरोजगार हो गए है।  10 अगस्त 2025 के बाद इनका सेवा फिर से समाप्त हो गया है क्योंकि सरकार द्वारा दिए गए 1 साल के अवधि विस्तार का समय समाप्त  होने के बाद सभी को सेवा से मुक्त कर दिया गया है जिससे दुमका जिला में लगभग 200 सहायक पुलिस बेरोजगार हो गए है । अति नक्सल प्रभावित जगहों से आने वाले अधिकतर ग्रामीण को सरकार के स्तर पर पुलिस थानो के लिए सहायक पुलिस के लिए भर्ती किया गया था पिछले साल आंदोलन करने के बाद सरकार द्वारा एक साल का सेवा अवधि का विस्तार  किया  गया था और  10 अगस्त के बाद सरकार के  स्तर से कोई विभागीय पत्र नहीं आने पर सभी सहायक पुलिस को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इस वजह से अब सहायक पुलिस फिर से आंदोलन करने का मूड बना रहे है ।  दुमका के आउटडोर स्टेडियम मे सहायक पुलिस ने बैठक की और आगे की रणनीति बनाने की बात कर रहे है। सहायक पुलिस ने कहा है कि ज़ब सरकार द्वारा बहाली कि गईं तो सभी मापदंड के अनुसार बहाली की गईं। अभी 13 हजार का मानदेय मिलता था हमलोग का सरकार से मांग है कि सरकार हमलोग के लिए स्थाई समाधान निकाले सात से आठ वर्षो का सेवा देने के बाद बेरोजगार होने के कारण कई समस्या सामने आ गईं है । आपको बताते चले कि राज्य में इस समय आरक्षी की भारी कमी है और सहायक पुलिस जब अलग अलग जगह पर प्रतिनियुक्त रहते हैं तो थाना का बहुत सारा काम संभालते हैं इनकी सेवा समाप्ति से कार्य पर भी असर पड़ता है । 12 जिलों में कुल 2500 सहायक पुलिस की नियुक्ति हुई थी जो अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं ।
 
 
दुमका से कोयलांचल लाइव के लिए विजय तिवारी की रिपोर्ट