Date: 13/03/2026 Friday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
बिहार विस चुनाव: विपक्षी गठबंधन में जेएमएम और लोजपा(पशुपति) के जुड़ने से बढ़ी चुनौतियां
9/8/2025 7:10:43 PM IST
7458
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
New Delhi :
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं, सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन – दोनों खेमों में सीट बंटवारे की कवायद तेज हो गई है। एनडीए में जहां चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की मांगों से बातचीत कठिन हो रही है, वहीं विपक्षी महागठबंधन में अब दो और दल जुड़ गए हैं – झारखंड मुक्ति मोर्चा (हेमंत सोरेन) और लोजपा (पशुपति पारस गुट)। महागठबंधन में पहले से ही राजद, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और वीआईपी मौजूद थे। अब झामुमो और पारस गुट के जुड़ने से दलों की संख्या 8 हो गई है। यानी अब राज्य की 243 विधानसभा सीटों का बंटवारा आठ पार्टियों के बीच करना होगा, जो सहमति तक पहुँचना और भी कठिन बना देगा।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने इस बार 50 सीटें और डिप्टी सीएम पद की मांग कर दी है। साथ ही उनकी इच्छा है कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और उन्हें उपमुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए। हालांकि सूत्रों का कहना है कि सहनी को 20–25 सीटों से ज़्यादा मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि पिछली बार वे 11 सीटों पर लड़े थे और सिर्फ 4 जीत पाए थे। कांग्रेस को भी इस बार 70 की जगह 50-60 सीटों के अंदर संतोष करना पड़ सकता है, बशर्ते सीटें “विजयी संभावना” वाली हों। वहीं, भाकपा (माले) अपनी बेहतर जीत दर यानी पिछली बार बेहतर स्ट्राइक रेट को देखते हुए ज़्यादा सीटों की मांग कर रही है। महागठबंधन का कुनबा बढ़ा जरूर है, लेकिन सीटों के बंटवारे का गणित और कठिन हो गया है। तेजस्वी यादव के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती होगी – सभी दलों को साधकर चुनाव मैदान में उतरना।
पशुपति पारस को उनके गढ़ खगड़िया अलौली और हाजीपुर सीटें दी जा सकती हैं। वे अलौली से कई बार विधायक रहे हैं। माना जा रहा है कि पारस गुट को 2–3 सीटें मिल सकती हैं, जिन पर वे और उनके बेटे चुनाव लड़ेंगे। महागठबंधन की कोशिश है कि पासवान वोटों में बंटवारा कराया जा सके। बता दें कि पशुपतिनाथ पारस स्वर्गीय रामविलास पासवान की छोटे भाई हैं। रामविलास पासवान के बाद छोटे भाई और बेटे मौजूदा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच तकरार में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न पशुपतिनाथ पारस के पास आया था। वे भाजपा के साथ थे। केंद्रीय मंत्री रहे। अब बदली परिस्थित में वे विपक्षी गठबंधन में शामिल हुए हैं।
झारखंड में राजद और कांग्रेस हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली झामुमो सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए बिहार में भी झामुमो को कुछ सीटें दी जाएंगी। झारखंड बिहार की सीमावर्ती सीट बांका, मुंगेर और भागलपुर जैसे झारखंड सीमा से सटे इलाकों में झामुमो को उम्मीदवार उतारने का मौका मिल सकता है।कांग्रेस ने साफ कहा है कि सभी दलों को अपनी सीटें छोड़कर आपसी तालमेल बनाना होगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि त्याग और समायोजन के बिना गठबंधन मज़बूत नहीं हो सकता। इस बार के चुनाव में कांग्रेस में स्पष्ट कह दिया है कि ज़्यादा से ज़्यादा स्थानीय दलों के साथ चुनाव लड़ा जाएगा चाहे उन्हें अपने हिस्से की सीटों में से कुछ सीट साथी दलों को देना पड़ जाए।
कोयलांचल लाइव डेस्क
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
गुजरात के लोग बिहार को रिमोट कंट्रोल से शासन करेंगे गुजरात के लोग : प्रशांत किशोर
#
विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा में जोरदार ढंग से साहसी गोताखोर युवाओं के सम्मान और सुरक्षा की मांग
#
प्रधानमंत्री जी सिलेंडर की किल्लत का जश्न कब होगा- रोहिणी
#
CM नीतीश कुमार ने 545 करोड़ की योजनाओं की शुरुआत,जानिए कहा बनेगा एयरपोर्ट
#
राज्य के प्रशासनिक अधिकारी के हनक के विरोध में उतरा भाजपा,झारखंड विधान सभा के बाहर भाजपा विधायकों ने उठाई नागरिक अधिकार की मांग
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
उद्योग संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों और प्रशासन के बीच दिखा सीधा संवाद ,उद्यमियों ने राखी अपनी समस्या
#
देर रात डीजे बजाने को लेकर हुआ बवाल,पुलिस ने डीजे के साथ पिकअप को किया जब्त
#
निष्पक्ष चुनाव को लेकर प्रशासन सख्त, चेकपोस्ट पर जांच तेज़
#
प्रधानमंत्री जी सिलेंडर की किल्लत का जश्न कब होगा- रोहिणी
#
महाशिवरात्रि पर दो मुहानी संगम घाट पर दिखेगा गंगा आरती के तर्ज पर महा आरती