Date: 29/11/2025 Saturday
ABOUT US
ADVERTISE WITH US
Contact Us
Koylanchal Live
बड़ी खबरें
देश प्रदेश
राज्य
MUMBAI
महाराष्ट्र
राजस्थान
गुजरात
उत्तराखंड
पश्चिम बंगाल
तमिलनाडु
ओडिशा
पंजाब
झारखण्ड
उत्तर प्रदेश
जम्मू कश्मीर
दिल्ली
आंध्र प्रदेश
बिहार
छत्तीसगढ़
MADHYA PRADESH
HIMACHAL PARADESH
राजधानी
रांची
पटना
लखनऊ
राजनीति
अपराध जगत
स्पोर्ट्स
वर्ल्ड न्यूज़
बिज़नेस
इंटरटेनमेंट
कोयलांचल लाइव TV
फोटो गैलरी
11 बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप लिखने वाला चिकित्सक गिरफ्तार,कंपनी के खिलाफ भी दर्ज हुई प्राथमिकी
10/5/2025 7:15:41 PM IST
94
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Bhopal :
छिंदवाड़ा ( मध्य प्रदेश )के परासिया क्षेत्र के कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात परासिया थाना में डॉ. प्रवीण सोनी और श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी (कांचीपुरम, तमिलनाडु) के खिलाफ प्राथमिकी की गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा बनाई गई स्पेशल पुलिस टीम ने छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से चिकित्सक प्रवीण सोनी को देर रात गिरफ्तार कर लिया। इसी चिकित्सक ने बच्चों को घातक कफ सिरप लिखा था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, शनिवार को तमिलनाडु से कफ सिरप के सैंम्पलों की जांच प्राप्त हुई थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद बीएमओ डॉ. सल्लाम की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी और कंपनी के खिलाफ बीएनएस धारा 276 (औषधियों में मिलावट),बीएनएस धारा 105(3) (आपराधिक मानव वध) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27(ए)(iii) और 26 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसके बाद शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। बीएमओ डॉ. सल्लाम ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चिकित्सक और कंपनी के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक साक्ष्यों के अनुसार, जिस दवा का उपयोग बच्चों के उपचार में किया गया, उसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट में दवा को एडलट्रेडेट यानी मिलावटी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहा है। बच्चों की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर जांच चल रही है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि बिना डॉक्टरी सलाह के सिरप न दें। गौरतबल है कि परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है और अभी कई बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें एक से पांच साल तक के बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था। सभी बच्चे बाल रोग चिकित्सक डॉ.प्रवीण सोनी के क्लिनिक में पहुंचे थे। डॉक्टर ने कई बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। बच्चों ने दवाई पी और बुखार उतर गया, खांसी ठीक हो गई, लेकिन दो दिन बाद पेशाब बंद हो गई। परिवारवालों ने छिंदवाड़ा से लेकर नागपुर तक इलाज करवाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। आरोप है कि बच्चों की ऐसी हालत चिकित्सक की लिखी कफ सिरप से हुई, जिसे चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी थी। मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 बच्चों की मौतों को दुखद बताते हुए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
कोयलांचल लाइव डेस्क
Disclaimer:
Tags:
0 comments. Be the first to comment.
सम्बंधित खबरें
#
13 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, घर पर पसरा मातम
#
सिरफिरे आशिक ने हॉस्टल में गर्लफ्रेंड को मारी गोली,पुलिस जांच में जुटी
#
आईईडी ब्लास्ट में एक युवती की मौत,दो महिला घायल
#
18 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, पैर और हाथ बंधे मिले
#
स्कूल के बाहर किसी बात को लेकर दो भाइयों को बाहरी युवको ने जमकर पिटाई कर दी
ट्रेंडिंग न्यूज़
#
सरायकेला सामुदायिक भवन सभागार में प्रशासन का योगाभ्यास कार्यक्रम
#
अटकलें खत्म बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में, शीघ्र होगी घोषणा,
एनडीए में गठबंधन की सीट मैट्रिक्स तय हो गई
#
40 वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आशा कुमारी को उपायुक्त ने दी शुभकामनाएं
#
सूचना एवं जन संपर्क विभाग की लूटी गई प्रचार प्रसार वाहन 8 घंटे मेँ हुई बरामद, साहब का हो रहा जयजयकार
#
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में AIMIM और अन्य दलों के दर्जनों नेता RJD में हुए शामिल