Dhanbad :नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज गया है। बिगुल बजने से पहले मैदान में चर्चित चेहरे अपनी किस्मत आज़माने के लिए भाग-दौड़ करना शुरू कर दिया है। जिसकी कोई साख नहीं जिसकी कोई पहचान नहीं वो भी कसरत में पीछे नहीं है। ऐसा ही कुछ इस निकाय चुनाव में एक हरिहर झंडा की महिला प्रत्याशी की बात है, जो चुनावी मैदान में पूरी कसरत कर रही, पुरे लाव लश्कर के साथ क्षेत्र का दौरा तो कर रही है लेकिन उन्हें रिस्पांस नहीं मिल रहा है, नतीजा मुँह बिदकाये चल देती है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है की इनकी मानसिकता बाहरी-भीतरी को लेकर ज्यादा है। नीले रत्न वाली महिला हरिहर झंडे से तालुकात रखती है। महिला पंडितो के दरबार जरूर घूम रही है लेकिन मानसिकता 9 जानती है और 6 में भुलाती है। महिला बंगाल और बिहार से भी तालुकात रखती है। महिला स्टेटस सिंबल बनाने में जरूर लगी है, इन्होने कोई आंदोलन नहीं किया ना कभी पब्लिक के लिए कड़ी रही,और अचानक राजनीति के छितिज पर उदित हो गयी। लेकिन हर वोटर को मोदित और मोहित करना महिला के लिए आसान नहीं लग रहा है। डगर इनके लिए काफी कठिन है। क्योकि अब चुनाव का वक़्त है, जिन्हे कभी पंडितो की याद नहीं आई वहा भी महिला आशीर्वाद लेने पहुँचने लगी है। देखा जाए तो हर किसी को दिल देने वाली नील रत्न वाली नेत्री को अब हर किसी का दिल चाहिए, ये चुनाव है रे भैया हर खेत में चरने वाली रे दैया। कल के अंक में सुनाएंगे डूबता सूर्य की कहानी फिर आएगी चाँद की बारी, समाचार रहेगा जारी...
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