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अधिवक्ता ने जीवित दरोगा का गयाजी में किया श्रद्धा, एक केस में फसता देख भ्रष्ट दरोगा ने कोर्ट मे पेश किया मृत सर्टिफिकेट, हो गया फरार  
 

2/5/2026 3:09:04 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Gaya :मुजफ्फरपुर में मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस के झा ने दरोगा रामचंद्र सिंह के जीवित रहते उसका हिंदू रीति रिवाज से गया जी में श्राद्ध कर दिया, करीब 14 वर्ष पहले एक रेप केस के अनुसंधान रिपोर्ट पर कोर्ट में खुद को फसता देख दरोगा रामचंद्र सिंह ने अपनी मौत का प्रमाण पत्र दाखिल कर अपने आप को मृत साबित कर दिया था, मामला आगे बढ़ा तो दरोगा जी पुलिस की फाइलों में लापता हो गया उक्त कांड में रेप केस में सजायाफ्ता शिक्षक को हाई कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था दरअसल आपको बता दे की यह कहानी साल 2012 की है जब मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के नूरी गांव निवासी सरकारी स्कूल के शिक्षक अनंतराम पर झूठे रेप केस दर्ज कराया गया, उक्त कांड का अनुसंधान दरोगा रामचंद्र सिंह को बनाया गया, रामचंद्र सिंह ने मामले को गलत अनुसंधान करते हुए शिक्षक अनंत राम को पक ड़कर जेल भेज दिया और उसके विरुद्ध चार्ज सीट दाखिल कर दिया, अदालत में अनंत राम का ट्रायल शुरू हुआ, ट्रायल के दौरान ही मुकदमे के सच्चाई सामने आ गई और रामचंद्र सिंह की झूठी रिपोर्ट का पर्दाफाश हो गया, जब कोर्ट ने दरोगा रामचंद्र सिंह को गवाही के लिए तलब किया तो उन्होंने अपनी पत्नी की मदद से कोर्ट में अपना डेट सर्टिफिकेट जमा कर दिया, सर्टिफिकेट के मुताबिक रामचंद्र सिंह की मृत्यु तिथि 15 12 2009 बताई गई जबकि रामचंद्र सिंह द्वारा इस कांड का अनुसंधान साल 2012 में किया गया था, अधिवक्ता एसके झा से पकड़ लिया और उन्होंने सवाल खड़ा किया कि 2009 में मरा हुआ व्यक्ति 2012 में अनुसंधान कैसे कर सकता है, दरोगा रामचंद्र सिंह का झूठा न्यायालय में पोल खुल गया और न्यायालय ने जांच का आदेश दिया तो दरोगा रामचंद्र सिंह ने अपना ट्रांसफर कर लिया और कोर्ट की नजर में ट्रेसलेस हो गया, उसके विभाग ने भी उसकी कोई जानकारी देने में असमर्थता प्रकट की, दरोगा के अनुसंधान रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक अनंत राम को 7 साल की सजा हो गई थी पटना हाई कोर्ट ने अनंत राम के मामले की सुनवाई करते हुए उसे बाइ इजत रिहा रहा कर दिया और शिक्षक अनंत राम को उसकी नौकरी भी वापस मिल गई. उस समय राष्ट्रीय और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे मानवाधिकार अधिवक्ता  एस के झा ने अपना जनेव तोड़कर या संकल्प लिया था कि जब तक दरोगा रामचंद्र सिंह को ढूंढ कर उसकी सच्चाई को जग जाहिर नहीं कर देते तब तक जनेऊ धारण नहीं करेंगे और 12 वर्ष बीतने पर दरोगा रामचंद्र का सिंह का वीडियो जारी करने के बाद अधिवक्ता एसके झा ने पूरा जनेऊ धारण किया उन्होंने दरोगा रामचंद्र सिंह की पूरी कुंडली खंगाल ली. एस के झा ने बताया कि चुकी दरोगा कोर्ट के रिकॉर्ड में आज भी मृत है इसलिए संकल्प के 14 वर्ष पूरे होने पर रामचंद्र सिंह का गयाजी में विधवक श्राद्ध भी कर दिया, अधिवक्ता ने बताया कि दरोगा रामचंद्र सिंह आज भी जीवित है और पटना में रहते हैं उन्होंने बताया कि पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग को भी सूचना है लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है
 
गया से कोयलांचल लाइव के लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट