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आदिवासी सेंगेल अभियान ने अपने विभिन्न मांग को लेकर निकाला रैली ,जिला प्रसासन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र 

3/23/2026 4:15:04 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Jamshedpur : आदिवासी सेंगेल अभियान ने अपने विभिन्न मांग को लेकर रैली निकाला। रैली के बाद संगठन के लोगो ने जिला प्रसासन के माध्यम से  राष्ट्रपति  को एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौपा। इस पत्र में आदिवासी समुदाय के धार्मिक अधिकारों और पहचान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। आदिवासी सेंगल अभियान  के सोनाराम सोरेन ने कहा की भारत के लगभग 15 करोड़ आदिवासी, संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन उन्हें अब तक अपने धर्म की स्वतंत्र पहचान नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत आदिवासियों को उनके पारंपरिक ‘सरना धर्म’ की आधिकारिक मान्यता दी जाए। साथ ही, 2021 से 2027 की जनगणना में सरना धर्म के लिए अलग कॉलम कोड शामिल करने की भी मांग उठाई गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि आदिवासी समुदाय प्रकृति पूजक है—वे जंगल, पहाड़, नदी, पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं की पूजा करते हैं। उनकी यह आस्था और जीवनशैली प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन पर आधारित है, जिसे एक अलग धर्म के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। इसके अलावा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में स्थित आदिवासियों के प्रमुख धार्मिक स्थलों—जैसे गिरिडीह का मरांग बुरु (पारसनाथ पहाड़) और बांकुड़ा का लुगुबुरु—को अन्य धर्मों के अतिक्रमण से मुक्त कराने की भी मांग की गई है।
 
जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए बिनोद केसरी की रिपोर्ट