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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में देश के युवा  निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिका -राज्यपाल

4/6/2026 11:25:29 AM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad :धनबाद स्थित आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आज ‘इन्वेनटिव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भारत की इनोवेशन्स को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह फ्लैगशिप आरएंडडी फेयर ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के लिए एक प्रमुख नेशनल फीडर प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में विकसित हो रहे रिसर्च को स्केलेबल और मार्केट-रेडी टेक्नोलॉजी में बदलना है। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे नेशनल मिशन्स के अनुरूप, यह आयोजन भारत को डीप-टेक इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत इनोवेट्स 2026 से जुड़कर इन्वेनटिव एक स्ट्रक्चर्ड इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे ग्लोबल पार्टनरशिप्स, कैपिटल एक्सेस और इंटरनेशनल मार्केट इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर आयोजित इनॉगुरल सेशन में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने चीफ गेस्ट के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उनके साथ गेस्ट्स ऑफ ऑनर के रूप में अथर शाहाब (एमडी, जुआरी इंडस्ट्रीज), वैशाली निगम सिन्हा (को-फाउंडर, रिन्यू), संदीप कुमार (वीपी, टाटा स्टील) और डॉ. सुनील के. बर्नवाल (सीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इनोवेशन-ड्रिवन ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और एकेडेमिया-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के महत्व पर जोर दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन्वेनटिव 2026 को भारत के इनोवेशन-ड्रिवन फ्यूचर का एक ट्रांसफॉर्मेटिव प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने रिसर्च को एंटरप्राइज और सोसाइटी के लिए उपयोगी सॉल्यूशन्स में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को रेखांकित किया। वैशाली निगम सिन्हा ने कहा कि आज के समय में इनोवेशन एक नेशनल नेसेसिटी बन चुका है। उन्होंने क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर जोर देते हुए बताया कि रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्किलिंग, इन्क्लूजन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स को बढ़ावा देगा। संदीप कुमार ने आईआईटी (आईएसएम) को इनोवेशन का क्रैडल बताते हुए क्यूरियोसिटी-ड्रिवन थिंकिंग और इंडस्ट्री-एकेडेमिया कोलैबोरेशन के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. शिर्षेंदु मुखर्जी (वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क) ने कहा कि असली प्रगति साइंस को सोसाइटी में इम्पैक्ट में बदलने में है। उन्होंने वाधवानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच एक ब्रिज बताया। अथर शाहाब ने इंडिजिनस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर जोर देते हुए आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता बताई। डॉ. सुनील के. बर्नवाल ने आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए एआई-ड्रिवन हेल्थकेयर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान एक हाई-लेवल राउंडटेबल ऑन रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. सुकुमार मिश्रा सहित आईआईटी, एनआईटी और अन्य प्रमुख संस्थानों के डायरेक्टर्स के साथ इंडस्ट्री लीडर्स और वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भाग लिया। इस राउंडटेबल में इनोवेशन स्केलिंग, टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, फंडिंग इकोसिस्टम और एकेडेमिया-इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया: रिन्यू सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – कोल-टू-ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल लिवलीहुड्स पर केंद्रित और वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स – क्लीन एनर्जी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज के लिए रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु। इस दौरान सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मटेरियल साइंस, हेल्थकेयर इनोवेशन्स और अर्थ साइंसेज को लेकर सस्टेनेबल माइनिंग और रिसोर्स मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया गया। मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के प्रति जो विजन है, उसे साकार करने में देश के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की जो कल्पना की गई है, वह अब दूर नहीं लगती और निकट भविष्य में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा। राज्यपाल ने आगे कहा कि भारत पहले ही आर्थिक रूप से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुका है और अब तेजी से आगे बढ़ते हुए नए आयाम छू रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसी गति से कार्य करते हुए भारत आने वाले समय में विश्व पटल पर एक नई ऊंचाई हासिल करेगा।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क