Aara : भोजपुर जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल आरा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक घायल युवक को कथित रूप से लावारिस हालत में पुराने, खंडहरनुमा इमरजेंसी वार्ड में तीन से चार दिनों तक बिना इलाज के छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान रोहित पांडेय, पिता स्वर्गीय संतोष पांडेय, निवासी इमादपुर थाना क्षेत्र, तरारी प्रखंड, भोजपुर के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह आरा जंक्शन पर पानी की बोतल बेचकर जीवन यापन करता था और ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद पुलिस द्वारा उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसके बाद वह वहीं बेसहारा पड़ा रहा। युवक का आरोप है कि उसे न तो समय पर इलाज मिला, न दवा और न ही भोजन। गंभीर चोटों के बावजूद उसे पुराने बंद पड़े वार्ड में रखा गया, जहां बिजली और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। बीते कई दिनों से वह दर्द से कराहता रहा, जबकि उसका एक हाथ टूट चुका है और पैर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एक सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और घायल युवक को भोजन व प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए तत्काल उचित इलाज की मांग की है। इस पूरे मामले ने सदर अस्पताल आरा की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरा से कोयलांचल लाइव के लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट
सम्बंधित खबरें
ट्रेंडिंग न्यूज़