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BCCL में भ्रष्टाचार:  कुसुंडा लूट जारी है ,बारी - बारी ,चर्चा में है त्रिपुरारी 

5/29/2026 1:44:48 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad  : हम भी लूटी, तू भी लूटअ, लुटे के आज़ादी बा, 13 साल से हम लूटत बानी केकरा आँख में पानी बा, तो अब आप समझ गए होंगे मामले 13 साल लूटने की अज़ादी और इसे देखने की किसीको फुर्सत नहीं, कानून जाये तेल लादने किसीको कोई फर्क नहीं पड़ता, आइये आपको हम समझते है जिससे आप पहली समझ रहे है वह पहेली नहीं बल्कि बीसीसीएल के कुसुंडा एरिया से जुड़ा हुआ एक वास्तविक कहानी है। त्रिपुरारी कुमार कुसुंडा एरिया में पदस्थापित है और पिछले 13 वर्षो से भ्रष्टाचार  की गंगा बहा रहा है जैसा की आरोप है। त्रिपुरारी वह कई विभागों के नोडल पदाधिकारी भी रहे है, जो की विसिलेन्स के नियमों को सीधा सीधा ठेंगा दिखाना है। अब चले थोड़ा त्रिपुरारी के कार्य क्षेत्र की और श्रीमान कुसुंडा एरिया में इन्होने ओवर हेड लाइन के रिपेरिंग के नाम पर लाखो रूपये फ़र्ज़ी तरीके से उठा लिया, वो भी ठीकेदार से गठजोड़ कर। सबसे आश्चर्य की बात यह है की जब इन्होने ओवर हेड लाइन के रिपेयर  के नाम पर पैसे उठाये लेकिन रिपेयरिंग वस्तविक तौर पर कही हुआ ही नहीं। अब आपको लगेगा की हम ऐसे दावे कैसे कर रहे है की रिपेरिंग हुई या नहीं, सबसे पहले किसी भी ओवर हेड लाइन के रिपेयरिंग के वक़त बिजली शटडाउन लेना पड़ता है और उसके लिए किसी पदाधिकारी की परमिशन लेनी होती है बाजापते रजिस्टर मेंटेन करना होता है। लेकिन रिकॉर्ड चेक करने पर स्पष्ट होजायेगा की न तो किसी अधिकारी की परमिशन मिली और न ही कोई रिकॉर्ड मेंटेन हुआ, यानी यहाँ सिर्फ कागज़ी फर्जीवाड़ा हुआ। और यह संभव तब हो पाया जब एरिया इंजीनियर दीपक कुमार और त्रिपुरारी की गठजोड़ ने करोड़ो रूपये रिपेयर के नाम पर डकार गए। अब भला ऐसे में आप ही तय करिए की दोनों अधिकारी कंपनी को पथ दे रहे है या ज़हर देने की साजिश कर रहे है। वही बात करे एक सामान खरीदारी जिसका पीओ नंबर 5100017588 में किसी सामान की खरीदारी 25 लाख 37 हज़ार की हुई, जिस पर महाप्रबंधक की भी स्वीकृति भी इन दोनों अधिकारियो ने ली। लेकिन हम आपको बता दे की कोई भी सामान खरीदारी में जीएम का डीओपी (डेलिगेशन ऑफ़ पावर) 20 लाख रूपये तय किए गए है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है की आखिर एरिया इंजीनियर दीपक और त्रिपुरारी और जीएम ने ये कैसे अपने पावर का मिसयूज़ किया। इस मामले पर जब हमने महाप्रबंधक से बात की तो उन्होंने कैसे अपनी बातों को गोल गोल घुमाया और मामले को जाँच क्र करवाई करने की बात की। लेकिन त्रिपुरारी और दीपक के हाथ फंस गए है और हाथ फंस गया है तो गाला भी फंसना तय है। अगर बीसीसीएल के सीएमडी और सतर्कता विभाग सही से मामले की जाँच करे तो भ्रष्टाचार की परत दर परत कहानियां कुसुंडा एरिया में खुलेगी। जारी .....
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क