मुंगेर : मुंगेर में पशु तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस महकमे को भी सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस ने NH-333B पर कार्रवाई करते हुए पशुओं से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। ट्रक में 35 भैंस बेहद तंग हालत में लदी थीं, जिनमें चार की मौत हो चुकी थी। इस कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी तब सामने आई, जब पुलिस ने एक कथित लाइनर को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की जांच में पशु तस्करी के लिए पुलिसकर्मियों से कथित सांठगांठ और ट्रकों की ‘पासिंग’ में मदद किए जाने के साक्ष्य मिलने का पुलिस ने दावा किया है। जांच आगे बढ़ने पर एक पुलिस अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में करीब 5 से 6 अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अब मामला सिर्फ पशु तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्दी की आड़ में चल रहे कथित संरक्षण के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। मुंगेर में पशु तस्करी के खिलाफ हुई कार्रवाई अब कथित पुलिस-तस्कर नेक्सस की जांच में बदल गई है। 6 अगस्त को मिली थी गुप्त सूचना, मामला 6 अगस्त का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सफेद रंग के ट्रक नंबर BR-19GA-3676 में पशुओं को लादकर NH-333B के रास्ते मुंगेर से खगड़िया ले जाया जा रहा है। ट्रक के आगे एक अपाचे बाइक से एक व्यक्ति कथित तौर पर लाइनर का काम कर रहा था। सूचना के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने कृष्णा सेतु के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान अपाचे बाइक से आ रहे राकेश कुमार उर्फ घनश्याम को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, उसके पास से एक मोबाइल फोन, अपाचे बाइक और 47 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में उसने कथित तौर पर अवैध पशु तस्करी में लाइनर की भूमिका निभाने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पशुओं से लदे ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर अंदर 35 भैंस बेहद तंग हालत में मिलीं। इनमें चार भैंस मृत अवस्था में पाई गईं। ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू और सहायक चालक मोहम्मद जियाउल हक से पशुओं के परिवहन से संबंधित कागजात मांगे गए, लेकिन पुलिस के मुताबिक वे संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मोबाइल जांच में पुलिसकर्मियों से संपर्क का दावा, पुलिस की जांच यहीं खत्म नहीं हुई। कथित लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मुफस्सिल थाना और यातायात थाना, मुंगेर से जुड़े कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले। पुलिस का दावा है कि पशु तस्करी में इस्तेमाल होने वाले ट्रकों को मुंगेर जिले से ‘पास’ कराने में कथित तौर पर सहयोग किया जा रहा था। पूछताछ और तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस ने यातायात थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक अयोध्या कुमार, चालक सिपाही विमलेश कुमार, गृह रक्षक सिपाही अभिलेश कुमार और मुफस्सिल थाना के गृह रक्षक सिपाही अरविंद यादव को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही कथित लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम, ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू और सहायक चालक मोहम्मद जियाउल हक को भी गिरफ्तार किया गया है। कुल सात लोगों की गिरफ्तारी, मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें चार पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से एक ट्रक, एक अपाचे बाइक, सात मोबाइल फोन, 47 हजार रुपये नकद और 35 भैंस बरामद की हैं। इनमें चार भैंस मृत मिलीं। इस मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 365/26 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आने का दावा किया गया है कि भागलपुर से पशुओं से भरा ट्रक लोड होकर मुंगेर के रास्ते अररिया सप्लाई के लिए जा रहा था। पुलिस के अनुसार, जिले से ट्रक ‘पास’ कराने के नाम पर प्रति ट्रक 1,000 से 1,500 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक ट्रक की ‘पासिंग’ का मामला था या मुंगेर के रास्ते पशु तस्करी का पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 5 से 6 अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच में संलिप्तता की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित नेक्सस के पीछे मुख्य आरोपी कौन है और मुंगेर के रास्ते पशु तस्करी का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था।
मुंगेर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज़ खान की रिपोर्ट
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