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IIT-ISM में 20वीं नेशनल फ्रंटियर्स ऑफ इंजीनियरिंग संगोष्ठी का आगाज, संजय सेठ ने दिया आत्मनिर्भर भारत का मंत्र

8/8/2026 7:24:19 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
धनबाद :- धनबाद के IIT-ISM में तीन दिवसीय 20वीं नेशनल फ्रंटियर्स ऑफ इंजीनियरिंग संगोष्ठी और इनोवेशन इन मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज की शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ शामिल हुए। उन्होंने छात्रों और युवाओं से देश की जरूरतों के अनुरूप नई तकनीक और समाधान विकसित करने का आह्वान किया। संजय सेठ ने कहा कि देश के विकास में युवाओं और उनके इनोवेशन की अहम भूमिका है। साथ ही झारखंड के स्थानीय उद्योगों और MSME सेक्टर को रक्षा उत्पादन से जोड़ने तथा धनबाद में MSME डिफेंस कॉन्क्लेव आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। IIT-ISM धनबाद में इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के क्षेत्र में देशभर के विशेषज्ञों का जुटान हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम में आधुनिक इंजीनियरिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत के लिए नई तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत में बड़ी संख्या में युवा हैं और युवाओं के भीतर मौजूद इनोवेशन की क्षमता देश को तेजी से आगे ले जा रही है। संजय सेठ ने कहा कि करीब 12 साल पहले देश में स्टार्टअप की संख्या लगभग 600 थी, जो अब बढ़कर 2.36 लाख के आसपास पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है और अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य है। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन को देश की जरूरतों से जोड़ना होगा। रक्षा राज्य मंत्री ने झारखंड में स्थानीय उद्योगों और MSME सेक्टर को देश के रक्षा उत्पादन से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने राज्य में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की जरूरत बताई और कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि धनबाद में भी MSME डिफेंस कॉन्क्लेव आयोजित किया जाए। कार्यक्रम में SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पांडा और INAE के अध्यक्ष जे. डी. पाटिल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संगोष्ठी में देशभर के इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, रिसर्चर, इंडस्ट्री प्रतिनिधि, स्टार्टअप, MSME और छात्र हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में तकनीकी नवाचार, उन्नत विनिर्माण और देश को आत्मनिर्भर बनाने वाली तकनीकों पर मंथन होगा। उम्मीद है कि इस संगोष्ठी से निकलने वाले विचार और तकनीकी समाधान देश के औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र को नई दिशा देंगे।
 
 
कोयलांचल लाइव डेस्क