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मुंगेर में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था का असर, 16 दिनों में सिर्फ 5 दस्तावेजों का निबंधन
 

8/20/2026 12:52:06 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Munger : सरकार की नई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था मुंगेर में जमीन की खरीद-बिक्री पर असर डालती नजर आ रही है। डिजिटल निबंधन लागू होने के बाद जिला निबंधन कार्यालय में कामकाज की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। वहीं कातिब और स्टांप वेंडरों की हड़ताल से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।  लेकिन 16 दिन बाद भी व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। इस दौरान जिला निबंधन कार्यालय में महज पांच दस्तावेजों का निबंधन हुआ है। वहीं खड़गपुर में अब तक सिर्फ एक दस्तावेज का निबंधन होने की जानकारी है। रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी होने का असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ा है। पांच दस्तावेजों के निबंधन से सरकार को 10 लाख 14 हजार 629 रुपये का राजस्व मिला। जबकि जुलाई महीने में 461 दस्तावेजों के निबंधन से 6 करोड़ 32 लाख 65 हजार 507 रुपये की आय हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष में जिला निबंधन कार्यालय को 65 करोड़ 7 लाख रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में मौजूदा स्थिति प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। इधर, कातिब और स्टांप वेंडर नई डिजिटल व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओटीपी आधारित प्रक्रिया से साइबर धोखाधड़ी और संपत्ति में हेराफेरी का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, निबंधन विभाग के अधिकारी लोगों को नई डिजिटल व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। अब सवाल है कि सरकार और कातिबों के बीच जारी गतिरोध कब खत्म होगा और मुंगेर में जमीन की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह कब सामान्य हो पाएगा।
 
मुंगेर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज की रिपोर्ट