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DC के निरीक्षण और चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा काम, पहली बारिश में ढह गई स्टेडियम की दीवार

8/23/2026 6:47:23 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
जामताड़ा : जिले के मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र (वार्ड नंबर 20) में स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बन रहा बहुप्रतीक्षित मिहिजाम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (फुटबॉल स्टेडियम) अपनी पहली ही बारिश नहीं झेल पाया। झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा कभी 'वर्ल्ड क्लास' और आधुनिक सुविधाओं से लैस बताए जाने वाले इस स्टेडियम की चहारदीवारी निर्माण के शुरुआती दौर में ही भरभराकर गिर गई। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम का सपना अब भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि संवेदक (ठेकेदार) को लूट की खुली छूट मिली हुई थी। DC के निरीक्षण और चेतावनी का भी नहीं हुआ असर, हैरानी की बात यह है कि दीवार गिरने से महज कुछ ही दिन पहले जामताड़ा जिले के उपायुक्त (DC) आलोक कुमार ने कार्यस्थल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता को लेकर खुलकर नाराजगी जताई थी और संबंधितों को सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद न तो ठेकेदार की सेहत पर कोई असर पड़ा और न ही संबंधित विभागीय अधिकारियों ने काम में सुधार कराना जरूरी समझा। नतीजतन, बिना किसी उपयोग के ही स्टेडियम की यह नई दीवार जमींदोज हो गई। अन्य दीवारों पर मंडरा रहा खतरा, हादसा यहीं नहीं रुकने वाला है, क्योंकि परिसर के अन्य हिस्सों में खड़ी की गई दीवारें भी अभी से ही एक तरफ झुक चुकी हैं। ये झुकती हुई दीवारें कभी भी गिर सकती हैं और किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। शिलान्यास के समय बड़े-बड़े मंचों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों की साख पर इस ढहती दीवार ने सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग, इस घटिया निर्माण को लेकर क्षेत्र के स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। क्षेत्र की जनता ने अब इस पूरे निर्माण घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार (संवेदक) को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
 
जामताड़ा से कोयलांचल लाइव के लिए निशिकांत मिस्त्री की रिपोर्ट