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 काश के सफेद फूल दे रहे मां दुर्गा के आगमन का संदेश

9/12/2026 12:40:49 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : शरद ऋतु की दस्तक के साथ ही प्रकृति का रूप भी बदलने लगता है। खेतों और खुले मैदानों में दूर तक लहराते सफेद काश के फूल मानो प्रकृति के आंगन को सफेद चादर से सजा देते हैं। इन फूलों का खिलना सिर्फ मौसम बदलने का संकेत नहीं माना जाता, बल्कि सनातन संस्कृति और ग्रामीण जीवन में इसे मां दुर्गा के आगमन से भी जोड़कर देखा जाता है।
 
मान्यता है कि जब मानसून विदा होने लगता है और शरद ऋतु की शुरुआत होती है, तब काश के फूल खिल उठते हैं। इनके लहलहाने के साथ ही महालया और देवी पक्ष के आगमन की आहट महसूस होने लगती है। यही वजह है कि काश के सफेद फूलों को मां दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन का प्राकृतिक संकेत माना जाता है।
 
हवा के साथ झूमते काश के फूलों को देखकर ऐसा लगता है जैसे प्रकृति स्वयं मां दुर्गा और उनके भक्तों के स्वागत के लिए अपनी बाहें फैलाए खड़ी हो। ग्रामीण इलाकों में इन फूलों का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को खास तौर पर आकर्षित करता है और दुर्गापूजा के आने का उत्साह भी बढ़ा देता है।
 
काश के स्फुल को लेकर मंदिर के पुजारी की माने तो काश के फूलों की सफेदी शांति पवित्रता और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में जब चारों ओर काश के फूल खिलते हैं तो वातावरण में एक अलग ही आध्यात्मिक एहसास दिखाई देने लगता है।
 
यानी काश का खिलना सिर्फ मौसम के बदलने की कहानी नहीं बल्कि उस उत्सव की दस्तक भी है जिसका इंतजार हर साल भक्तों को बेसब्री से रहता है। मां दुर्गा के स्वागत के लिए प्रकृति भी जैसे पहले से ही तैयार होने लगती है।
 
धनबाद से कोयलांचल लाइव के लिए दीपक की रिपोर्ट