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महिलाओं ने  सिन्दूर खेला के साथ मां दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई,महिलाश्रद्धालुओं ने कहा ....

10/21/2026 3:21:30 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Gaya : शहर के दुर्गाबाड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। यहां दुर्गा पूजा की तमाम व्यवस्थाओं की कमान महिलाओं के हाथों में रहती है। महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाकर मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी और माता रानी से सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं परिवार की मंगलकामना के लिए आशीर्वाद मांगा। सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। इस पारंपरिक रस्म के साथ पूरा माहौल भक्तिमय और भावुक हो गया। महिलाओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए नम आंखों से विदाई दी। इस बार दुर्गा पूजा की विशेष बात यह रही कि आयोजन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर थी। महिलाओं ने आपसी सहयोग, मेहनत और समर्पण के साथ पूजा की सभी व्यवस्थाओं को संभाला। उन्होंने मिलकर आयोजन को सफल बनाने का प्रयास किया, जिसका परिणाम भी सकारात्मक रहा। महिलाओं ने बताया कि इस बार सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए उन्होंने पूरी मेहनत की। सभी के सहयोग से पूजा का आयोजन अच्छे तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह बेहतर व्यवस्था के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी। गया के दुर्गाबाड़ी में सिंदूर खेला केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि बंगाली संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति का प्रतीक भी है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और सामूहिक आयोजनों को सफल बनाने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मां दुर्गा की विदाई के साथ श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर माता रानी के आगमन की कामना की। भक्ति, परंपरा और भावनाओं से सराबोर सिंदूर खेला के साथ दुर्गा पूजा का समापन हुआ।
 
 
गया से कोयलांचल लाइव की लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट।