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CBI की पूछताछ पर उठे सवाल! CIMFR कर्मचारी ने अधिकारियों पर लगाया मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, CVC से मांगा न्याय

11/1/2026 4:24:24 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team

 

(तीन घंटे तक हिरासत में रखकर मारपीट करने का दावा, मेडिकल दस्तावेज और चोटों की तस्वीरें शिकायत के साथ सौंपीं, CBI कार्यालय का CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग)

 
धनबाद: भ्रष्टाचार और अपराध की जांच करने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर धनबाद में गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। CSIR-CIMFR के वरिष्ठ स्टेनोग्राफर विवेक सिंह ने CBI अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट, शारीरिक प्रताड़ना और जबरन बयान लेने का आरोप लगाया है। मामले में उन्होंने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
 
शिकायत के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को विवेक सिंह को फोन के जरिए धनबाद स्थित CBI कार्यालय बुलाया गया था। उनका आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं होने पर अधिकारियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। शिकायत में CBI अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अज्ञात अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
 
तीन घंटे की पूछताछ में मारपीट का आरोप-
विवेक सिंह का दावा है कि पूछताछ के दौरान करीब तीन घंटे तक उनके साथ शारीरिक हिंसा की गई। उन्होंने आरोप लगाया है कि हाथ-पैर और अन्य वस्तुओं से मारपीट की गई तथा दबाव डालकर बयान लेने की कोशिश हुई। शिकायतकर्ता ने इसे जांच की निर्धारित प्रक्रिया और व्यक्ति की गरिमा के खिलाफ बताया है।
 
मेडिकल दस्तावेज और तस्वीरें सौंपीं-
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में मेडिकल रिकॉर्ड, चोटों की तस्वीरें और अस्पतालों में कराए गए उपचार से जुड़े दस्तावेज CVC को सौंपे हैं। 30 अक्टूबर के मेडिकल दस्तावेजों में जांघों और पैरों में दर्द तथा चोटों का उल्लेख होने का दावा किया गया है। उन्होंने घटना के बाद शारीरिक परेशानी और मानसिक तनाव की शिकायत भी की है।
 
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग-
मामले में सबसे अहम मांग CBI कार्यालय के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की है। विवेक सिंह ने प्रवेश और निकास द्वार के साथ पूछताछ कक्ष तथा संबंधित स्थानों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध रहें। उन्होंने कथित घटना में शामिल अन्य अधिकारियों की पहचान कराने की भी मांग की है।
 
CBI की जवाबदेही पर सवाल, अब CVC के रुख का इंतजार-
जिस जांच एजेंसी पर कानून का पालन कराने और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी है, उसी के अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान कानून की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगना गंभीर मामला है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच अभी बाकी है। संबंधित CBI अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
 
अब सवाल यह है कि क्या CVC इस शिकायत पर स्वतंत्र जांच के निर्देश देगा? क्या CBI कार्यालय का CCTV फुटेज सुरक्षित रखा जाएगा? फिलहाल, इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता की नजर CVC की कार्रवाई पर टिकी है।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क