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शिक्षकों के पदस्थापन में पैसे के लेन-देन का विधायक ने लगाया आरोप,  ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और पांच साल से शहरी क्षेत्र में तैनात शिक्षकों के तबादले की मांग....

11/3/2026 12:36:07 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : जिले में शिक्षकों के पदस्थापन और छात्र-शिक्षक अनुपात से जुड़ी जानकारी नहीं मिलने के विरोध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी मंगलवार से धनबाद समाहरणालय परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। भूख हड़ताल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार शाम विधायक समाहरणालय परिसर पहुंचे। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की। अरूप चटर्जी ने कहा कि पिछले एक साल से वह डीएसई, डीईओ, उपायुक्त समेत शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से धनबाद के स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात की जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें यह जानने का अधिकार है कि जिले के विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में कितने शिक्षक कार्यरत हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के पदस्थापन में अनियमितता हुई है। उनके मुताबिक, उन्हें करीब 700 शिक्षकों की सूची मिली है, जबकि दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर आए कई अन्य शिक्षकों की जानकारी भी सामने आनी बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्रों के कम छात्र संख्या वाले स्कूलों और ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की पोस्टिंग में कथित तौर पर पैसे का लेन-देन हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई शिक्षकों को उनके गृह क्षेत्र के स्कूलों में पदस्थापित किया गया है। अरूप चटर्जी ने कहा कि इस मामले में उन्हें पिछले छह महीने से आरटीआई के जरिए जानकारी हासिल करने की कोशिश करनी पड़ रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि लगातार विरोध के बावजूद शिक्षकों के पदस्थापन में सुधार नहीं हुआ है। विधायक की प्रमुख मांगें हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जाए, नियमावली के अनुसार शहरी क्षेत्रों में पांच साल से पदस्थापित शिक्षकों को ग्रामीण स्कूलों में भेजा जाए और छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार किया जाए। अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि शिक्षा व्यवस्था भी इससे अछूती नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगा।
 
संजना सिंह कोयलांचल लाइव डेस्क