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जन्माष्टमी पर महंत स्वामी महाराज का संदेश,जीवन में उतारें भगवद् गीता के उपदेश

8/16/2025 2:45:19 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
जन्माष्टमी के इस खास अवसर पर नई दिल्ली की स्वामी नारायण अक्षरधाम की बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक गुरु परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया. स्वामी महाराज ने कहा भारत भूमि पर धर्म की स्थापना के लिए समय-समय पर भगवान के अवतार प्रकट होते रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि उसी के अनुसार अवतीर्ण हुए भगवान श्रीकृष्ण का जीवन, कार्य और उपदेश आज भी सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं. स्वामी महाराज ने कहा कि इस जन्माष्टमी का उत्सव तभी सार्थक माना जाएगा, जब और भगवद्गीता में दिए गए उपदेशों को अपने जीवन में उतारेंगे। 
 
‘श्रीकृष्ण भक्तवत्सल थे’
महंत स्वामी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भक्तवत्सल थे. उन्होंने अर्जुन का रथ चलाकर धर्म की रक्षा की, द्रौपदी की लाज बचाने के लिए चीर बढ़ाया, विदुर की भाजी खाई और मित्र सुदामा के तांदूल स्वीकार किए. स्वामी महाराज ने कहा कि गोकुल में रहकर श्रीकृष्ण ने गोपबालकों और गोपियों को सुख दिया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के ऐसे न जाने कितने चरित्रों को आज भी भगवद्गीता में पढ़ा जाता है.
 
सबसे बड़ी भेट है भगवद्गीता
स्वामी महाराज कहते है कि इस भगवान श्रीकृष्ण की इस धरती को सबसे बड़ी भेंट भगवद गीता है. उन्होंने कहा कि इस ग्रंथ में उनके द्वारा प्रदत्त ज्ञान सभी के लिए उपयोगी है. महाराज ने कहा कि अगर भगवद्गीता के उपदेश के अनुसार जीवन बनाएं, तो सदैव भगवान के प्रत्यक्ष होने का अनुभव होता है.
 
अंत में स्वामी महाराज ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व मनाना तभी सार्थक माना जाएगा जब हम भगवद गीता के ज्ञान को समझकर उसे अपने जीवन में उपयोग में लाएं। 
 
कोयलांचल लाइव डेस्क