Date: 30/08/2025 Saturday ABOUT US ADVERTISE WITH US Contact Us

महज व्यवस्था के आभाव में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के छात्र दिव्यांशु जान से हाथ धो बैठा, फूटा छात्रों का आक्रोश

8/23/2025 4:17:51 PM IST

149
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Editing  by  umesh  tiwary
 
Jamshedpur  : महज व्यवस्था के आभाव में जमशेदपुर के मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के छात्र दिव्यांशु पांडे को नहीं बचाया जा सका। फलतः उक्त कॉलेज के छात्रों का आक्रोश भड़क उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार  वैसे दिव्यांशु ने डिप्रेशन में आत्महत्या की है। हालांकि जहर खाने के बाद दिव्यांशु ने प्रबंधन को फोन कर जानकारी दी कि उसने जहर खाई है।लेकिन एंबुलेंस का घंटे इंतजार करता रहा और अंततः एंबुलेंस  नहीं मिला पर्सनल गाड़ी से छात्र को  टाटा मेन हॉस्पिटल लाया गया तो डॉक्टर मृत घोषित कर दी। उधर प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ मेडिकल कॉलेज के सभी छात्र एवं छात्राएं सुबह से कॉलेज गेट का घेराव का धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।  हालांकि प्रबंधन ने पुलिस को बुलाकर बल का भी प्रयोग किया।  लेकिन विद्यार्थी नहीं हटे और अपनी मांग को लेकर धरना पर बैठे हुए हैं।  इनका एक ही डिमांड है कि डॉक्टर विनय कुमार और एम्बुलेंस इंचार्ज सुमित झा पर कानूनी कार्रवाई हो इन्हें सस्पेंड करते हुए इन्हें जेल भेजा जाए।  क्योंकि छात्र की मौत का जिम्मेदार यही दोनों है। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाता तो छात्र की जान बच सकती थी। लेकिन मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस रहते हुए डॉक्टर अपने निजी काम के लिए एंबुलेंस का ड्राइवर को भेज दिया जिसके कारण वह समय पर नहीं पहुंचा और अंततः विद्यार्थी की मौत हो गई। उधर इन लोगों का सीधे तौर पर आरोप है कि 70 से 80 लाख रुपये एक विद्यार्थी से मणिपाल वसूल रही है।  लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है।  ना तो कॉलेज में एंबुलेंस है और ना ही इमरजेंसी की व्यवस्थाएं जहां तक की जहां हॉस्टल है हॉस्टल में कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ छात्रों का गुस्सा जायज लग रहा है।  हालांकि प्रबंधन का कहना है कि हमने एंबुलेंस दिया है लेकिन सीसीटीवी फुटेज दिखाने को तैयार नहीं है ऐसे में विद्यार्थियों का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। 
 
 
जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए मोहम्मद अकबर की रिपोर्ट