देवघर: सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर लाखों श्रद्धालु मुंगेर के कच्ची कांवड़िया पथ से होते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं। पूरा कांवड़िया पथ "बोल बम" के जयघोष, कांवड़ों में बंधी घुंघरुओं की मधुर ध्वनि और श्रद्धालुओं के कदमों की थाप से भक्तिमय हो उठा है। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों की अनवरत कतारें आस्था और विश्वास की अद्भुत तस्वीर पेश कर रही हैं। सावन की पहली सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान मुंगेर का कच्ची कांवड़िया पथ पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल भरकर लाखों कांवड़िया "बोल बम" के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर लगातार बढ़ते रहे। कांवड़ों में बंधी घुंघरुओं की मधुर ध्वनि, श्रद्धालुओं के कदमों की लय और "हर-हर महादेव" के उद्घोष से पूरा मार्ग भक्तिरस में डूबा दिखाई दिया। रास्ते भर लगाए गए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे कांवड़ियों को यात्रा के दौरान काफी सहूलियत मिल रही है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से पहुंचे श्रद्धालु भी इस पवित्र यात्रा में शामिल हुए हैं। कांवड़ियों का कहना है कि सावन की पहली सोमवारी का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी कारण आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर मुंगेर के कच्ची कांवड़िया पथ के रास्ते बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन की पहली सोमवारी का विशेष महत्व है। बाबा भोलेनाथ की कृपा से वे सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल बाबाधाम की यात्रा कर रहे हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
देवघर से कोयलांचल लाइव के लिए इम्तियाज़ खान की रिपोर्ट
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