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डायलिसिस में नई उम्मीद, नया किडनी इम्प्लांट बार-बार सुई लगने की जरूरत कर सकता है कम

8/12/2026 2:40:17 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए मेडिकल साइंस से एक बड़ी उम्मीद सामने आई है। एक नए कृत्रिम किडनी इम्प्लांट पर काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मरीजों के शरीर में लगातार रक्त को फिल्टर करने की क्षमता विकसित करना और नियमित अस्पताल जाकर डायलिसिस कराने की जरूरत को कम करना है। मौजूदा हेमोडायलिसिस में मरीजों को नियमित अंतराल पर अस्पताल या डायलिसिस सेंटर जाना पड़ता है और रक्त को मशीन के जरिए साफ किया जाता है। इस प्रक्रिया में बार-बार होने वाली सुई की प्रक्रिया और लंबे समय तक उपचार मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नई तकनीक का लक्ष्य इसी बोझ को कम करना है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित डिवाइस को शरीर के अंदर इम्प्लांट किया जा सकता है और यह लगातार रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करने की दिशा में काम करेगा। हालांकि, यह तकनीक अभी विकास और परीक्षण के चरण में है। इसे व्यापक रूप से मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने से पहले इसकी सुरक्षा, प्रभावशीलता और नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी। भारत में किडनी रोग का बोझ भी काफी बड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल दो लाख से अधिक नए एंड-स्टेज किडनी डिजीज के मामले सामने आते हैं। ऐसे में अगर यह तकनीक सफल और सुरक्षित साबित होती है, तो भविष्य में किडनी मरीजों के इलाज के तरीके में बड़ा बदलाव आ सकता है।
 
कोयलांचल लाइव डेस्क