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कृष्ण द्वारका मंदिर में भगवान कृष्ण के अद्भुत रूप के दर्शन के लिए उमड़ी लोगो की भीड़ 

9/3/2026 3:01:13 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
गया: बिहार के गया में स्थित कृष्ण द्वारका मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। विष्णुपद क्षेत्र में मौजूद इस प्राचीन मंदिर में भगवान द्वारकाधीश की अद्भुत प्रतिमा विराजमान है। मान्यता और स्थानीय परंपराओं के चलते यहां बिहार-झारखंड के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
 
चारों प्रहर अलग-अलग रूप में दर्शन की मान्यता-
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण यहां दिन के चारों प्रहर अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देते हैं। श्रद्धालुओं के मुताबिक सुबह बाल रूप, दोपहर में अलग स्वरूप, संध्या के समय यौवन रूप और रात में प्रौढ़ स्वरूप के दर्शन की परंपरा बताई जाती है।
 
नौकरी और संतान प्राप्ति को लेकर भी गहरी आस्था-
मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार मिश्रा के अनुसार, भगवान कृष्ण के इस मंदिर से नौकरी मिलने और बेरोजगारी दूर होने के साथ-साथ संतान प्राप्ति की भी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से भगवान की पूजा-अर्चना करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हालांकि ये धार्मिक मान्यताएं और श्रद्धालुओं की आस्था हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण होने का दावा नहीं किया गया है।
 
करीब 300 साल पुरानी बताई जाती है प्रतिमा-
स्थानीय मान्यता के अनुसार मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी और करीब तीन सौ वर्ष पहले इसे मंदिर में स्थापित किया गया। प्रतिमा के अष्टधातु से निर्मित होने की बात भी कही जाती है। इसकी चमक और आकर्षक स्वरूप आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
 
द्वारकाधीश मंदिर से समानता का दावा-
मंदिर की प्रतिमा की गुजरात स्थित द्वारकाधीश मंदिर की प्रतिमा से समानता भी बताई जाती है। यही वजह है कि गया का कृष्ण द्वारका मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी अनोखी परंपराओं और मान्यताओं के कारण भी अलग पहचान रखता है। गया आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर आस्था, परंपरा और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति का एक खास केंद्र बना हुआ है।
 
कोयलांचल लाइव के लिए गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट