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पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठन चिंतीत.....
9/15/2026 4:13:39 PM IST
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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Ranchi
: झारखंड के पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों ने चिंता जताई है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में विभिन्न आदिवासी संगठनों और समाजसेवियों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने परिसीमन में केवल जनसंख्या को आधार नहीं बनाने और पाँचवीं अनुसूची की संवैधानिक भावना को ध्यान में रखने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को परिसीमन से जुड़ी आशंकाओं और आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जानकारी दी। हालांकि अभी परिसीमन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित बदलावों को लेकर आदिवासी संगठनों में चिंता है। परिसीमन होना तो तय है, लेकिन परिसीमन से संबंधित जो आशंकाएं हैं, हालांकि अभी नोटिफिकेशन नहीं हुआ है, उन आशंकाओं से महामहिम राज्यपाल को अवगत कराया गया है।
इसके साथ ही आदिवासियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें डेमोग्राफी का मामला है, क्योंकि यहां की डेमोग्राफी में बदलाव आया है। ट्राइबल सब-प्लान, सीएनटी एक्ट और पेसा कानून जैसे महत्वपूर्ण विषय भी हैं।
हम लोगों ने दो अलग-अलग पहलुओं पर अपनी बात रखी। पहला संवैधानिक पहलू कि कानूनन क्या व्यवस्था होनी चाहिए और दूसरा यहां की जमीनी स्थिति। हमने बताया कि जनसंख्या में कमी, पलायन और विस्थापन जैसे मामलों का भी यहां असर पड़ा है।
अगर परिसीमन में सिर्फ पॉपुलेशन को आधार बनाया गया और इन तमाम पहलुओं पर राज्य सरकार ने ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में आदिवासियों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
इसलिए सरकार से भी हम लोग मिलेंगे और इन संवैधानिक पहलुओं को सामने रखेंगे। इसके साथ ही राज्य के सांसदों से भी मिलेंगे और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बात करेंगे।
आज आदिवासियों के बीच इस विषय को लेकर चिंता है। हमने महामहिम राज्यपाल से भी इस पर बात की है और उन्होंने भी इस विषय की गंभीरता को महसूस किया है। अगर समय रहते सभी राजनीतिक दलों और संबंधित लोगों ने इस पर कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में गंभीर संकट पैदा हो सकता है। पाँचवीं अनुसूची, जनसांख्यिकीय बदलाव और परिसीमन से जुड़े अन्य संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर प्रतिनिधिमंडल की ओर से भी अपनी बात रखी गई।
रांची से कोयलांचल लाइव के लिए प्रशांत जयवर्धन की रिपोर्ट
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