Date: 26/10/2026 Monday ABOUT US ADVERTISE WITH US Contact Us

 बकाया मानदेय को लेकर जल सहियाओं का प्रदर्शन, विभाग पर भेदभाव का आरोप

10/26/2026 5:44:21 PM IST

8
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dumka : जल सहियाओं ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग यानी पीएचईडी कार्यालय परिसर में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। जल सहियाओं का आरोप है कि विभाग की ओर से कुछ को मानदेय का भुगतान कर दिया गया है, जबकि कई जल सहियाएं अब भी अपने बकाया पैसे के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं। संगठन ने भुगतान में भेदभाव और अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की है। वहीं, विभाग के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि अधिकांश जल सहियाओं को भुगतान किया जा चुका है और शेष का भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा। दरअसल, दुमका के पीएचईडी कार्यालय में जल सहियाओं ने अपने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही जल सहियाओं का कहना है कि लंबे समय से उनका मानदेय बकाया है। कई जल सहियाओं को अलग-अलग मदों में मिलने वाली राशि का भुगतान हुआ है, जबकि कई अब भी इससे वंचित हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विभाग की ओर से राशि जारी की जा रही है, तो सभी जल सहियाओं को इसका लाभ एक साथ क्यों नहीं मिल रहा है। जल सहिया संगठन की जिला अध्यक्ष रजनी मिर्धा ने बताया कि वर्ष 2019 से ही मानदेय भुगतान में समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले मिलने वाले एक हजार रुपये के मानदेय में भी कई जल सहियाओं का पैसा बकाया है। इसके अलावा वर्तमान सरकार की ओर से छह महीने के मानदेय के रूप में स्वीकृत 12 हजार रुपये की राशि को लेकर भी कई जल सहियाओं को भुगतान नहीं मिलने की शिकायत है। रजनी मिर्धा ने विभाग के डिवीजन वन और टू में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन में अनियमितता के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि किसी को 34 हजार रुपये मिले हैं, तो किसी को मोबाइल की राशि, प्रोत्साहन राशि या मानदेय नहीं मिला है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संगठन ने भुगतान से संबंधित सभी मामलों की जांच कर प्रत्येक जल सहिया का बकाया स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं, संगठन के संरक्षक विजय दास ने कहा कि जल सहियाओं के मानदेय भुगतान में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कार्यालय में तीन साल से अधिक समय से पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय तक एक ही जगह पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्थापना समिति की बैठक कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की। अब देखना होगा कि विभाग कब तक सभी बकाया मानदेय का भुगतान करता है और जल सहियाओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या कार्रवाई होती है।
 
दुमका से कोयलांचल लाइव के लिए विजय तिवारी की रिपोर्ट |