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एस बी कॉलेज मरम्मती कार्य पर उठा सवाल, रंगाई-पुताई और खरीदारी पर लगा ये आरोप !

11/4/2026 5:01:00 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
आरा : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंगीभूत एसबी कॉलेज में निर्माण कार्य, मरम्मती, रंगाई-पुताई और विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलेज में हुए इन कार्यों की एजी (महालेखाकार) विभाग की ओर से कराई गई जांच रिपोर्ट को लेकर अब पारदर्शिता की मांग उठने लगी है। जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों और आपत्तियों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि कॉलेज में विकास एवं मरम्मती कार्यों के नाम पर वित्तीय और प्रशासनिक नियमों का कितना पालन किया गया। आरोप है कि कई कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया और नियमों की अनदेखी कर कराया गया। निर्माण कार्यों से लेकर रंगाई-पुताई और विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी तक में नियमों के अनुपालन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सबसे गंभीर सवाल कॉलेज की राशि के उपयोग को लेकर है। आरोप लगाया जा रहा है कि सरकारी एवं संस्थागत राशि के खर्च में पारदर्शिता के बजाय कुछ लोगों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने की मंशा से कार्य कराए गए। यदि जांच रिपोर्ट में इन आरोपों से संबंधित वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताएं दर्ज हैं, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए गंभीर विषय है।
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी मांग एजी विभाग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की है। रिपोर्ट में किन-किन कार्यों पर आपत्ति दर्ज की गई है ? निर्माण एवं मरम्मती कार्यों के लिए कितनी राशि खर्च की गई? खरीदारी किस प्रक्रिया के तहत हुई? क्या निर्धारित निविदा, कोटेशन और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन किया गया ? भुगतान से पहले कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविकता का भौतिक सत्यापन हुआ या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब सार्वजनिक होना चाहिए। कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को भी सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसबी कॉलेज वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई है। ऐसे में कॉलेज में खर्च होने वाली राशि का हिसाब-किताब पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। शिक्षा संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल शैक्षणिक विकास और विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए। अब सवाल यह है कि एजी विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों पर विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठाता है? क्या रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा? जनहित में जरूरी है कि एसबी कॉलेज की एजी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, संबंधित कार्यों के अभिलेखों की निष्पक्ष जांच हो और यदि वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
 
आरा से कोयलांचल लाइव क़े लिए आशुतोष पांडेय की रिपोर्ट |
 


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