Date: 05/08/2026 Wednesday ABOUT US ADVERTISE WITH US Contact Us

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर रघुवर दास का हेमंत सोरेन को पत्र, सीबीआई जांच की मांग

8/4/2026 5:31:07 PM IST

13
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team

जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए। जमशेदपुर के सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रघुवर दास ने कहा कि राज्य में लंबे समय से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं तथा अभ्यर्थी लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ई-मेल के माध्यम से एक पत्र भी भेजा है। रघुवर दास ने कहा, "आदिवासी, मूलवासी और झारखंडी छात्रों की स्थिति से व्यथित होकर मैंने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। यह पत्र मैंने न तो पूर्व मुख्यमंत्री के नाते लिखा है और न ही किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में। मुझे अपने छात्र जीवन का संघर्ष याद है। उसी अनुभव के आधार पर मैं महसूस कर सकता हूं कि आज छात्रों पर क्या बीत रही होगी।" उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे संशय दूर हो सकें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी शंकाओं का समाधान करना सरकार का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल और पिछड़ा राज्य है, जहां बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की खबरों से युवाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। रघुवर दास ने कहा, "सीबीआई जांच कराने से पूरे मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा। यदि गड़बड़ी हुई है तो दोषियों की पहचान होगी और यदि आरोप निराधार हैं तो अभ्यर्थियों के मन की शंकाएं भी समाप्त हो जाएंगी। सरकार को बिना किसी देरी के सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि झारखंड के छात्रों का आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से अविलंब वार्ता करें, उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करें और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सार्थक एवं ठोस पहल करें। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के साथ न्याय करे और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा करे।

 

जमशेदपुर से कोयलांचल लाइव के लिए बिनोद केसरी की रिपोर्ट