रांची: झारखंड विधानसभा के सचेतक और धनबाद विधायक राज सिन्हा ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर धनबाद सहित पूरे कोयलांचल की गंभीर पेयजल समस्या और शहर की 38 प्रमुख सड़कों के निर्माण का मामला उठाया। दोनों मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए विधायक ने स्थायी समाधान के लिए ठोस पहल की मांग की। राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री को बताया कि धनबाद के लिए JNNURM के तहत 143 MLD क्षमता वाली शहरी जलापूर्ति योजना तैयार की गई थी। इसके तहत 31 जलमीनारों का निर्माण भी हुआ है, लेकिन वर्तमान में इस क्षमता के मुकाबले महज करीब 47 MLD पानी की ही आपूर्ति हो रही है। ऐसे में करीब 96 MLD क्षमता का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए कैलरीफायर, फिल्टर बेड, पंप और मोटर समेत कई महत्वपूर्ण उपकरणों का पर्याप्त उपयोग नहीं होने से उनके खराब और जर्जर होने का खतरा बढ़ रहा है। इसका सीधा असर धनबाद की जनता पर पड़ रहा है। राज सिन्हा ने कहा कि नई योजना पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था और पाइपलाइन नेटवर्क को आपस में जोड़कर उसकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने सियालगुदड़ी संप से भेलाटांड़ जाने वाली जलापूर्ति लाइन और राइजिंग पाइपलाइन को उचित तरीके से जोड़ने का सुझाव दिया। साथ ही बिनोद बिहारी महतो चौक के पास इसे झमाडा की पाइपलाइन से जोड़ने की बात कही। विधायक ने JNNURM के तहत बनी 31 जलमीनारों को पूरी क्षमता से संचालित करने और अधिक से अधिक घरों को गृह जल संयोजन देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई जलमीनारों में गृह संयोजन की संख्या बेहद कम है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। उन्होंने नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको के फेज-I और फेज-II के तहत चल रहे कार्यों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और 8 नई पानी टंकियों यानी ESR के निर्माण का काम वर्षों से जारी है। स्थानीय स्तर पर योजनाओं की निगरानी के लिए पर्याप्त अधिकारियों की व्यवस्था नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री से सभी जलमीनारों का भौतिक सत्यापन कराने, पाइपलाइन नेटवर्क, पंपिंग व्यवस्था और गृह जल संयोजन की स्थिति की समीक्षा करने की मांग की। साथ ही नगर विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नगर निगम और संबंधित अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कराने का आग्रह किया।
मुलाकात के दौरान धनबाद शहर की 38 प्रमुख सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। राज सिन्हा ने कहा कि एसीबी जांच के कारण इन सड़कों का काम लंबे समय से प्रभावित है। इसका सीधा असर आम लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे मामले की विधिसम्मत और त्वरित समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे जांच की प्रक्रिया भी प्रभावित न हो और जनहित से जुड़े सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य भी अनिश्चितकाल तक लंबित न रहें। राज सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के स्तर से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने के बाद धनबाद की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित सड़क योजनाओं को गति देने की दिशा में ठोस पहल होगी। उन्होंने कहा कि धनबाद की जनता को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उपलब्ध संसाधनों और पहले से निर्मित आधारभूत संरचनाओं का बेहतर उपयोग कर पेयजल संकट का स्थायी समाधान संभव है।
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