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दशकों से बदहाल सड़क पर फूटा लोगों का गुस्सा सड़क पर धान की रोपनी कर ग्रामीणों ने जताया विरोध

8/31/2026 12:44:25 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Gaya : बिहार के गया में विरोध का अनोखा अंदाज देखने को मिला. दर्जनों महिला-पुरुषों ने सड़क पर उतरकर धान की रोपनी शुरू कर दी. दरअसल इस गांव की सड़क जर्जर हालत में है. बड़े-बड़े गड्ढे में पानी और कीचड़ होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. करीब 500 घरों वाले इस गांव के लोग इस समस्या से निजात को लेकर गुहार लगाते -लगाते थक गए. किंतु न तो अधिकारी सुने और नहीं जनप्रतिनिधि. आखिरकार परेशानी से अजीज होकर ग्रामीणों ने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया गया मे सड़क पर ग्रामीण धान की रोपनी करने लगे. कई दशकों से कच्ची और जर्जर सड़क से परेशान होकर ग्रामीणों ने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया. दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष ने सड़क पर धान की रोपनी कर अपना विरोध जताया. यह मामला गया जिले के गुरारू प्रखंड का है. जानकारी के अनुसार गुरारू प्रखंड के रौना गांव वार्ड संख्या चार में कई दशकों से सड़क खराब है. सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हैं. सड़क कच्ची है. सड़क की स्थिति यह है, कि इसपर खासकर बरसात के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल है. ग्रामीणों ने काफी गुहार लगाई. किंतु न तो प्रतिनिधि सुने और न ही अधिकारी, आखिरकार विरोध करने का इन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया और धान की रोपने सड़क पर करके अपना विरोध जताया है.  ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की स्थिति इतनी बदहाल है, कि रोज हादसे होते हैं और गिरकर रोजाना कोई न कोई घायल हो जाता है. यह सड़क जो है, वह एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी है. किंतु इसकी जर्जर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. अरसे से यह स्थिति बनी हुई है. कोई सुध लेने वाला नहीं आ रहा है. जबकि यह मुख्य सड़क है और इसी मार्ग से रोजाना सैकड़ो ग्रामीण आते और जाते हैं. गांव में के करीब 400 से 500 घर हैं, जहां की बड़ी आबादी इस समस्या से त्रस्त हुई है. रोजाना की इस समस्या से त्रस्त होकर आक्रोशित ग्रामीणों ने धान की रोपने सड़क पर की है और अपना विरोध जताया है. ग्रामीणों के अनुसार स्टेट हाईवे 69 की मुख्य सड़क से रौना गांव तक करीब एक किलोमीटर तक कच्चा गड्ढे में तब्दील यह रास्ता है. यह रास्ता कई गांवों को और कई बाजारों को जोड़ता है. रोजाना सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण पैदल -बाइक से आवागमन करते हैं. किंतु आवागमन के क्रम में घटनाएं घटती है. सड़क खराब रहने के कारण भी गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं. बरसात के दिनों में इस रोड में गड्ढे और जल जमाव घटनाओं का कारण बनती है. स्थिति यह हो जाती है, कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. इस रोड से चारपहिया वहां गुजरा, मतलब बड़ा हादसा होना तय है. यह सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं है.इस संबंध में ग्रामीण अंजुमन ने बताया कि सड़क की समस्या से हर कोई परेशान है. बच्चों को स्कूल जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बच्चे कीचड़- गंदे पानी और गड्ढों के बीच किसी तरह से स्कूल पहुंचते हैं. कई बच्चे तो गिरकर घायल हो जाते हैं. यदि किसी की गांव में मौत हो जाती है, तो शवयात्रा के लिए श्मशान घाट तक ले जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रोजाना की रोजमर्रा जिंदगी में यह सड़क परेशानी का सबब बनी हुई है. क्योंकि यह पैदल चलने लायक भी नहीं है. वहीं, इस संबंध में पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी अवधेश पासवान ने बताया कि रौना गांव की समस्या दशकों पुरानी है. स्टेट हाईवे से यह कई किलोमीटर की दूरी को जोड़ता है. किंतु रौना गांव से निकलने वाली सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील है. बरसात के दिन में इस पर कीचड़ और पानी जमा रहता है. दलदल जैसी स्थिति बनी जाती है. यह सड़क घटनाओं का पैमाना बन चुकी है. इसका स्थाई समाधान जरूरी है.h सड़क के साथ-साथ नाली का भी निर्माण होना चाहिए.
 
 
गया से कोयलांचल लाइव के लिए मनोज कुमार की रिपोर्ट