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आईआईटी आईएसएम में राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला आयोजित,पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: राज्यपाल....

9/20/2026 1:34:59 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Dhanbad : आईआईटी आईएसएम धनबाद के गोल्डन जुबली हॉल में रविवार को आरोग्य भारती और आईआईटी आईएसएम के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज शैक्षणिक संस्थानों वैज्ञानिकों चिकित्सकों उद्योगों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और स्वास्थ्य एक-दूसरे से सीधे जुड़े हैं। स्वच्छ पानी पौष्टिक भोजन संतुलित जीवनशैली और स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन वायु प्रदूषण और जैव विविधता के संरक्षण को वर्तमान समय की प्रमुख चुनौतियां बताया। राज्यपाल ने भारतीय जीवन पद्धति में प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन लाइफ का उल्लेख करते हुए पानी और ऊर्जा की बचत प्लास्टिक के कम इस्तेमाल तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि झारखंड के जंगल जल स्रोत जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन राज्य की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं। विकास ऐसा होना चाहिए जिससे वर्तमान जरूरतें पूरी होने के साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहे।
उन्होंने आईआईटी आईएसएम जैसे तकनीकी संस्थानों से जल संरक्षण स्वच्छ ऊर्जा कचरा प्रबंधन प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने की अपील की।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में आईआईटी आईएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को विकास से अलग करके नहीं देखा जा सकता। इसका संबंध स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था ऊर्जा सुरक्षा रोजगार और जीवन की गुणवत्ता से है। उन्होंने रिसोर्स एफिशिएंसी सर्कुलर इकोनॉमी क्लीन टेक्नोलॉजी रिन्यूएबल एनर्जी जिम्मेदार माइनिंग खदानों के पुनर्वास वेस्ट-टू-रिसोर्स और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम करने की जरूरत बताई।आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार वर्षने ने संगठन के कार्यों और स्वास्थ्य को लेकर उसके दृष्टिकोण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए केवल बीमारी का इलाज ही नहीं बल्कि बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के चार प्रमुख विषयों पेड़ पानी प्लास्टिक और स्वच्छता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर जोर देते हुए पानी के पुनर्चक्रण रिचार्ज वेल और जल के बेहतर इस्तेमाल जैसे उपायों को अपनाने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विशेषज्ञों प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण स्वास्थ्य और टिकाऊ विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सुझावों को व्यावहारिक कार्ययोजना में बदलने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार वर्षने आईआईटी आईएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा समाजसेवी विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के संयोजक जय प्रकाश नारायण सिंह और अरुण राय थे।
 
कोयलांचल लाइव डेस्क