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कतरी नदी से छेड़छाड़ पड़ा आउटसोर्सिंग प्रबंधन को भारी,बीसीसीएल जीएम और आउटसोर्सिंग के अधिकारी समेत आठ पर मुकदमा

10/25/2026 1:50:53 PM IST

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कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Baghmara  : कोयलांचल की लाइफलाइन कतरी नदी जो आउटसोर्सिंग कम्पनी की मनमानी के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही थी।कई सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवियों की मुहिम आज रंग लाई और कतरी नदी के साथ छेड़छाड़ करनेवाले जिम्मेदार आउटसोर्सिंग प्रबंधन और बीसीसीएल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।आईए जानते है क्या है  बीसीसीएल एरिया 04 के गज़लीतांड़ में संचालित आर के माइनिंग के द्वारा कोयलांचल की लाइफलाइन कतरी नदी पर लगातार कई महीनों से अतिक्रमण किया जा रहा था, यहाँ तक कि नदी पर अवैध तरीके से पुलिया का निर्माण कर माइंस का परिवहन किया जा रहा था।फलस्वरूप नदी के बहाव और नदी के क्षेत्रफल पर सीधा असर पड़ रहा था।या यूँ कहें कि नदी का अस्तित्व अब मिटने के कगार पर आ चुका था।इस विकराल समस्या को लेकर स्थानीय समाजसेवी विजय झा सहित कई समाजिक संस्था ने आवाज उठाया और संबंधित विभाग को इसकी सूचना देते हुए उचित कार्रवाई कर नदी को बचाने की गुहार लगाईं।जो कहीं न कहीं यह मुहिम अब रंग लाई।बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कु ने विधिवत तरीके से जांचोपरांत कतरास थाने में एक लिखित शिकायत देखर आठ नामजद बीसीसीएल अधिकारियों और आउटसोर्सिंग प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।बीसीसीएल एरिया 04 के जीएम मणिकांत पाण्डेय, एजीएम, गजलीटांड कोलियरी प्रोजेक्ट ऑफिसर,कोलियरी मैनेजर, सुपरवाइजर के साथ साथ आर के माइनिंग आउटसोर्सिंग प्रबन्धन के प्रोजेकर हेड,मैनेजर और सुपरवाइजर को इस मुकदमे मे नामजद किया गया है।साथ ही बाघमारा सीओ के आदेश पर इस निर्मित पुलिया को ध्वस्त किया गया है। वहीं बाघमारा सीओ ने मामले में जांचोपरांत संबंधित रिपोर्ट को एनजीटी को सौंपते हुए जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही है। नदी के दयनीय स्थिति को देखते हुए नदी बचाने को लेकर चल रहे मुहिम में आगे आने वाले स्थानीय समाजसेवी पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय झा ने नदी पर बने पुलिया जिसे ध्वस्त किया गया है,उसका निरीक्षण किया साथ ही नदी के अस्तित्व को बचाने को लेकर की गई कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया साथ ही यह भी मांग की है कि नदी पर अतिक्रमण करनेवाले जिम्मेदार नामजद अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा होना चाहिए। कतरी नदी का अस्तित्व जो बाघमारा सीओ की कार्रवाई के बाद अब पूरी तरह सुरक्षित लग रहा है।इस बीच यह भी कहना गलत नहीं होगा कि कोयलांचल के लोगों की नज़रें आनेवाले दिनों में इस बात पर टिकी होगी कि नामजद इन बीसीसीएल अधिकारियों और आउटसोर्सिंग प्रबंधन के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई होती है।
 
बाघमारा से  कोयलांचल लाइव के लिए काशीनाथ रवानी की रिपोर्ट ।