Date: 31/07/2026 Friday ABOUT US ADVERTISE WITH US Contact Us

JSCA पर BCCI हुआ सख्त, 2019, 2022 और 2025 के चुनावों समेत आठ साल के रिकॉर्ड के जाँच का दिया आदेश!

7/30/2026 12:40:50 PM IST

65
कोयलांचल लाइव डेस्क, Koylachal Live News Team
Ranchi : झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के कामकाज और चुनावी प्रक्रिया पर अब BCCI लोकपाल एवं पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की कड़ी नजर है। शिकायतकर्ता नंदू पटेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए लोकपाल ने JSCA के संवैधानिक अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि "उभरकर सामने आई स्थिति वास्तव में चौंकाने वाली है।" 29 जुलाई 2026 को पारित सात पृष्ठों के आदेश में लोकपाल ने स्पष्ट किया कि JSCA ने सुप्रीम कोर्ट के 9 अगस्त 2018 और 14 सितंबर 2022 के फैसलों के अनुरूप संशोधित संविधान का पंजीकरण अब तक नहीं कराया। इसके बावजूद संघ लगातार कार्य करता रहा, BCCI से अनुदान लेता रहा और वर्ष 2019, 2022 तथा 2025 के चुनाव भी आयोजित किए गए। लोकपाल ने JSCA से शपथपत्र दाखिल कर यह बताने को कहा है कि संविधान के पंजीकरण की प्रक्रिया में अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए, आवेदन कब किया गया, उसमें क्या आपत्तियां आईं और नया आवेदन समय पर क्यों नहीं किया गया। साथ ही 2018 से अब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुपालन का पूरा ब्यौरा भी मांगा गया है। सबसे अहम सवाल 2019, 2022 और 2025 के चुनावों को लेकर उठाया गया है। लोकपाल ने पूछा है कि ये चुनाव किस संविधान के तहत कराए गए, क्या उस संविधान को आमसभा की मंजूरी मिली थी, क्या वह विधिवत पंजीकृत था और क्या वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित BCCI संविधान के अनुरूप था। हालांकि, लोकपाल ने फिलहाल किसी भी चुनाव को अवैध घोषित नहीं किया है और न ही JSCA को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का दोषी माना है। लेकिन आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को "बाध्यकारी" बताते हुए उनके अनुपालन पर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए गए हैं। सुनवाई के दौरान JSCA अध्यक्ष अजय नाथ देव सिंह ने कहा कि 31 अगस्त 2026 तक वार्षिक आमसभा बुलाकर संशोधित संविधान को मंजूरी दिलाई जाएगी और इसके बाद नए सिरे से पंजीकरण कराया जाएगा। लोकपाल ने इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता नंदू पटेल को भी अपने सभी आरोपों का बिंदुवार और साक्ष्यों के साथ विवरण देने का निर्देश दिया गया है। उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि BCCI संविधान, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और लोढ़ा समिति की किन-किन सिफारिशों का कथित उल्लंघन हुआ है। दोनों पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को वर्चुअल माध्यम से होगी। फिलहाल न तो किसी चुनाव को रद्द किया गया है और न ही कोई अंतिम फैसला आया है, लेकिन JSCA के करीब आठ वर्षों के संवैधानिक कामकाज, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन और चुनावी प्रक्रिया की व्यापक जांच अब लोकपाल के समक्ष जारी रहेगी।
 
संजना सिंह  कोयलांचल लाइव डेस्क